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फैक्ट चेक: मंदिर में मूर्ति का अपमान करने वाला कौन है यह शख्स?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में एक व्यक्ति हिंदू मूर्ति पर अपना पैर रखे हुए खड़ा है. तस्वीर को साथ दावा किया जा रहा है कि इस व्यक्ति का नाम मोहम्मद अंसारी है. इस दावे में कितनी सच्चाई है....जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
तस्वीर में हिंदू मूर्ति पर पैर रखे दिख रहा व्यक्ति मोहम्मद अंसारी नाम का मुस्लिम है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति की पहचान वाराणसी के करधना निवासी आजाद कुमार गौतम के रूप में हुई है. उसे धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है.

एक परेशान करने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें एक व्यक्ति किसी हिंदू मूर्ति पर अपना बायां पैर रखे हुए खड़ा है. तस्वीर को साथ दावा किया जा रहा है कि इस व्यक्ति का नाम मोहम्मद अंसारी है.

कई फेसबुक यूजर्स ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए साथ में कैप्शन लिखा है, “इस मुस्लिम व्यक्ति - मोहमद अंसारी को इतना फैला दो की ये ज़िंदगी में मन्दिर में जाने लायक ना बचे.”

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है. तस्वीर में मौजूद शख्स की पहचान वाराणसी के करधना गांव के रहने वाले आजाद कुमार गौतम के रूप में हुई है. मिर्जामुराद पुलिस ने उसे 24 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में जेल भेज दिया है.

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पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है.

रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने पाया कि कुछ यूजर्स ने यह तस्वीर मई में पोस्ट की थी. इनमें से एक “नीरज द्विवेदी” ने वाराणसी और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग करते हुए यह तस्वीर 11 मई को ट्वीट की थी. इन्होंने लिखा था कि वह व्यक्ति मिर्जामुराद पुलिस स्टेशन के तहत वाराणसी के करधना गांव का निवासी है और भीम आर्मी का सदस्य है.

वाराणसी जोन के एडीजी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि पुलिस ने इस मामले में पहले ही कार्रवाई कर चुकी है और इस व्यक्ति को जेल भेजा जा चुका है. एक अन्य यूजर की ओर से इसी तरह के सवाल पर वाराणसी पुलिस ने कहा कि 24 अप्रैल को मिर्जामुराद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है.

इसी घटना के बारे में न्यूज वेबसाइट “अमर उजाला” ने 24 अप्रैल को खबर भी प्रकाशित की थी. रिपोर्ट के अनुसार, आजाद गौतम ने गांव के मंदिर में मूर्ति पर अपना पैर रखा था और इसकी तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी थी. ग्रामीणों ने इसके खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार​ किया और उसका फोन जब्त कर लिया.

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लिहाजा, वायरल पोस्ट में किया गया यह दावा गलत है कि तस्वीर में जो शख्स मूर्ति पर पैर रखे हुए दिख रहा है, वह मोहम्मद अंसारी नाम का मुस्लिम है. आरोपी की पहचान वाराणसी के निवासी आजाद कुमार गौतम के रूप में हुई है. उसे धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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