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'मुफ्त बिजली और पानी के बाद अब महिलाओं को 2100 रुपये', संजय सिंह बोले - ये केजरीवाल का अर्थशास्त्र

Agenda AajTak 2024: एजेंडा आजतक के मंच पर शनिवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का 'दिल्ली के दंगल' सत्र में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से सामना था. यहां उन्होंने बीजेपी के आरोप-प्रत्यारोपों पर जवाब देते हुए अपने सरकार की उपलब्धियां गिनाई और इसे अरविंद केजरीवाल का कमाल बताया.

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संजय सिंह
संजय सिंह

Agenda AajTak: दिल्ली के ली मरेडियन होटल में एजेंडा आजतक 2024 के दूसरे दिन कई सारे सत्रों का आयोजन किया गया. इसमें से एक था 'दिल्ली का दंगल' इस सत्र में आम आदमी पार्टी के एमपी संजय सिंह और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी आमने-सामने रहे. इस दौरान संजय सिंह ने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने दिल्ली के लोगों को फ्री में सुविधाएं देकर भी मुनाफे का बजट दिया. उन्होंने इन सारी चीजों को केजरीवाल का अर्थशास्त्र बताया.

संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में पिछले 10 साल में मुनाफे का बजट दिया. देश की जीडीपी का 0.4 प्रतिशत केंद्र सरकार शिक्षा के ऊपर खर्च करती है. वहीं अरविंद केजरीवाल अपनी बजट का 25 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करते हैं. केंद्र सरकार 2 प्रतिशत स्वास्थ्य़ पर खर्च करती है. वहीं केजरीवाल 13 प्रतिशत खर्च करती है. इसके बाद भी हमनें बिजली फ्री, पानी फ्री, इलाज फ्री दिया. ये सब  केजरीवाल का अर्थशास्त्र हैं. 

'आम आदमी पार्टी अपना वादा पूरा करती है'
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 10 साल से आम आदमी पार्टी सरकार है. केजरीवाल पर लोगों का विश्वास है. जहां तक रेवड़ियों की बात है तो बिजली, पानी, बस की यात्रा फ्री है और अब महिलाओं को 2100 रुपये भी मिलेगा. क्योंकि हम जो वादे करते हैं उससे ज्यादा करके दिखाते हैं. हां, कोरोना के कारण काफी काम नहीं हो सके, ये सच है. वहीं फर्जी केस बनाकर केजरीवाल को जेल भेजा गया. 

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'बीजेपी जांच करवा ले, हमने दिल्ली में क्या-क्या किया है'
संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के काम को गिनवाते हुए बताया कि दिल्ली के अंदर 6 हजार पाइप लाइन बिछाई गई. पानी की 4 हजार पाइप लाइन बिछाई गई. दिल्ली के अंदर 10 हजार किलोमीटर सड़क बनाई गई. 533 मोहल्ला क्लिनिक बनाए. अब बीजेपी इसकी जांच करके बताए कि ये काम किया की नहीं. 

'दिल्ली में प्रदूषण के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार जिम्मेवार'
उन्होंने कहा कि जहां तक दिल्ली में प्रदूषण का सवाल है तो पंजाब में पराली जलाने की संख्या में कमी हुई और हरियाणा में वृद्धि हुई. ये कोर्ट ने भी माना. दिल्ली के अंदर प्रदूषण रोकने के काफी उपाय किये, लेकिन जो सहायता हमें हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार से मिलना चाहिए वो नहीं मिला. 

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