टेलीविजन एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने करवा चौथ पर अपने विचार शेयर किए. उन्होंने कहा कि जो लोग इस परंपरा को नहीं मानते, उन्हें इसे मनाने वालों को जज नहीं करना चाहिए. हालांकि उन्होंने खुद कभी यह व्रत नहीं रखा है, लेकिन उन्होंने बताया कि भविष्य में वह ऐसा करना चाहेंगी. उनका मानना है कि यह त्योहार बहस का विषय नहीं, बल्कि एक निजी पसंद होनी चाहिए.
अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' (ट्विटर) पर देवोलीना ने करवा चौथ मनाने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और बताया कि उन्होंने अब तक यह व्रत क्यों नहीं रखा है. उन्होंने कहा कि बंगाली और असमिया संस्कृति में यह परंपरा नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि वह कभी इसका अनुभव करना चाहेंगी.
देवोलीना ने क्या लिखा?
'बिग बॉस' की पूर्व कंटेस्टेंट देवोलीना ने लिखा, 'मैंने कभी करवा चौथ का व्रत नहीं रखा क्योंकि बंगाली और असमिया संस्कृति में यह कोई परंपरा नहीं है. हो सकता है कि हमारे यहां हर तरह की रस्म न हो, लेकिन हम कई त्योहार पूरे दिल से मनाते हैं. तो करवा चौथ क्यों नहीं? सच कहूं तो, मेरा भी कभी इसे रखने का मन करता है. लेकिन मुझे डर लगता है कि मैं बिना पानी के पूरा दिन कैसे निकालूंगी! मैं हर सोमवार और कभी-कभी एकादशी को व्रत रखती हूं, लेकिन बिना पानी के व्रत? यह तो बिल्कुल अलग बात है!'
देवोलीना का कहना है कि वह करवा चौथ को जोड़ों के लिए अपने प्यार को जाहिर करने के एक तरीके के रूप में देखती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि आजकल कई पति अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखते हैं, जिससे यह उनके लिए एक साझा उत्सव बन जाता है.
देवोलीना ने अपने लंबे नोट में आगे लिखा, 'मुझे सच में लगता है कि कई कपल के लिए यह प्यार जताने का एक तरीका है. मैंने महिलाओं को इसे खुशी-खुशी मनाते देखा है, और आज तो कई पति भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखते हैं. तो फिर किसी और के जश्न में फेमिनिज्म, पितृसत्ता और जजमेंट जैसी बातें क्यों लाई जाएं? अगर आप इसमें विश्वास नहीं करते, तो इसे मत मनाइए. कोई आपको जज नहीं कर रहा है. लेकिन किसी और की खुशी क्यों खराब करनी? मांएं अपने बच्चों और परिवार के लिए व्रत रखती हैं. तो अगर कोई महिला अपने पति के लिए एक दिन व्रत रखना चाहे, तो इसमें क्या दिक्कत है? जब तक यह एक निजी पसंद है और किसी पर कोई दबाव नहीं है, तब तक लोगों को अपने तरीके से प्यार का जश्न मनाने देना चाहिए.'
एक्ट्रेस ने आगे सवाल उठाया कि पार्टनर के लिए व्रत रखने को अक्सर जीवनशैली से जुड़े अन्य विकल्पों, जैसे कि डाइटिंग या इंटरमिटेंट फास्टिंग, से अलग नज़रिए से क्यों देखा जाता है. उन्होंने कहा कि लोगों को उन परंपराओं का पालन करने की आजादी होनी चाहिए जिनसे उन्हें खुशी मिलती है, बशर्ते उन पर ऐसा करने के लिए कोई दबाव न डाला जाए.
करवा चौथ का व्रत क्यों नहीं रखा?
फिटनेस ट्रेनर शाहनवाज शेख से शादी करने वालीं देवोलीना ने यह भी बताया कि उनके पति हर साल उनसे पूछते हैं कि क्या वह करवा चौथ का व्रत रखने वाली हैं. अपने विचार शेयर करते हुए उन्होंने आगे लिखा, 'मैं अभी अपने बच्चे को स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) करा रही हूं, इसलिए उम्मीद है कि अगले साल रखूंगी! क्योंकि सच कहूं तो, पतियों को भी तो खास और प्यार महसूस करने का हक है, है ना? हम खुद के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, कीटो डाइट ट्राई करते हैं और कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं. लेकिन जब पति के लिए व्रत रखने की बात आती है, तो अचानक सब कुछ पितृसत्ता (patriarchy) और नारीवाद (feminism) से क्यों जुड़ जाता है? प्यार निजी होता है. परंपराएं निजी होती हैं. जश्न मनाना भी निजी होता है. लोगों को वह चुनने दें जिससे उन्हें खुशी मिलती है.'
देवोलीना ने दिसंबर 2022 में लोनावला में एक कोर्ट मैरिज के जरिए शाहनवाज से शादी की थी, जिसमें उनके करीबी दोस्त शामिल हुए थे. इस जोड़े के घर 18 दिसंबर 2024 को बेटे का जन्म हुआ.