हम और आप जैसे तमाम आम लोग अक्सर इस तरह की बातें करते पाए जाते हैं कि विदेश में सेटल हो जाएं या दूसरे विकसित देश सुविधाओं के मामले में भारत से कहीं बेहतर हैं. ऐसे में हमारे विचारों पर कोई उंगली नहीं उठाता. आम जनता अगर ऐसी बात कहे तो कोई कंट्रोवर्सी नहीं होती. तो आमिर के एक छोटे से बयान पर इतना बवाल क्यों? सिर्फ इसलिए कि वो एक पब्लिक फिगर हैं? इस मामले पर हाल ही में शाहरुख खान ने अपने बयान दिए हैं. उन्हें इस बात से कतई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा एक्टर क्या कह रहा है या क्या चाहता है.
बॉलीवुड ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि दूसरे प्रोफेशन की ही तरह एक्टर्स को भी अपने मन की बात कहने की आजादी होनी चाहिए. आमिर के बयान पर सोशल मीडिया पर हुए युद्ध पर बात करते हुए शाहरुख ने कहा, चाहिए और उनका हल निकालने के बारे में सोचना चाहिए. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब ही यही है कि आप अपना मत रखें, दूसरा अपना मत रखे और फिल मिलकर उस विषय पर चर्चा हो. सोशल मीडिया चर्चाओं का मंच होना चाहिए न कि बहस या जजमेंट या फाइनल डिसीजन देने का मंच.'
, 'कोई इंसान अगर सोशल मीडिया पर अपना विचार व्यक्त करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे पूरा सच समझ लिया जाए. उस पर चर्चा होनी चाहिए. लेकिन कुछ मूर्ख लोग यहां अपना जजमेंट देने लगते हैं.'
रोहित शेट्टी की आने वाली की पूरी स्टारकास्ट (शाहरुख, काजोल, वरुण धवन और कृति सेनन) इस हफ्ते लंदन में अपनी फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं. फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होगी.