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इस शख्स की इजाजत के बाद मनोज कुमार ने फिल्मों में शुरू किया था काम

बहुत कम लोगों को ये पता होगा कि मनोज कुनार एक एक्टर होने के साथ-साथ एक लेखक भी रहे हैं.

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मनोज कुमार
मनोज कुमार

मनोज कुमार को फिल्म जगत के चमकते सितारों में शुमार किया जाता है. मनोज ने देशभक्ति की भावनाओं से जुड़ी कई सारी फिल्मों में काम किया. इसके लिए उन्हें भारत कुमार के नाम से बुलाया जाने लगा. मनोज कुमार एक एक्टर होने के साथ-साथ एक लेखक भी रहे हैं. उनके जन्मदिन पर बता रहे हैं उनके जीवन से जुड़े हुए कुछ किस्से.

1- मनोज कुमार का पूरा नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी था. उनका जन्म 24 जुलाई 1937 को हुआ.

2- अपने शानदार काम के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें साल 1992 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. साल 2015 में उन्हें फिल्म में अपने योगदान के लिए दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

3- दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से उन्होंने अपनी पढ़ाई की. इसके बाद उनके जहन में फिल्मों में काम करने के ख्याल ने दस्तक दी.

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4- फिल्मों में काम करने को लेकर मनोज कुमार से जुड़ा एक रोचक किस्सा भी है. मनोज ने अपनी मंगेतर शशि गोस्वामी से पूछकर फिल्मों में काम करना शुरू किया.

5- दरअसल, जब मनोज को एक फिल्म में लीड एक्टर के रूप में काम करने का ऑफर आया तो उन्होंने कहा कि अपनी मंगेतर की इजाजत के बिना वो फिल्मों में काम नहीं करेंगे. फिर उन्होंने शशि से इस बारे में बात की. जब शशि रजामंद हो गईं तभी मनोज कुमार ने फिल्म में काम करने के लिए हां कहा. बाद में शशि से ही उन्होंने शादी भी कर ली.

6- मनोज कुमार का नाम मनोज कैसे पड़ा इस बात को लेकर भी एक किस्सा मशहूर है. जब मनोज छोटे थे तो अपने मामा के साथ फिल्म देखने गए हुए थे. फिल्म का नाम शबनम था और इसमें दिलीप कुमार लीड एक्टर का रोल प्ले कर रहे थे.

7- मनोज कुमार उस रोल से इतने ज्यादा प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मन बना लिया कि वो अगर बड़े होकर एक्टर बनेंगे तो अपना नाम मनोज ही रखेंगे.

8- दो बदन, हिमालय की गोद में, पूरब और पश्चिम में मनोज कुमार के अभिनय को सराहा गया.

9- 1965 की फिल्म शहीद में मनोज कुमार ने सरदार भगत सिंह का रोल प्ले किया. ये रोल सभी को बहुत पसंद आया.

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10- फिल्म उपकार के बनने के पीछे का एक किस्सा ये है कि उस समय के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार को जय जवान जय किसान नारे पर फिल्म बनाने को कहा. उनकी बात मानते हुए मनोज कुमार ने उपकार फिल्म बनाई.

11- 1972 में आई बेईमान फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया.

12- फिल्म इंडस्ट्री में मनोज कुमार के सबसे अच्छे दोस्तों में धर्मेंद्र का नाम सबसे ऊपर है. मनोज कुमार महान एक्टर दिलीप कुमार को अपना आदर्श मानते थे.

13- अपने करियर के शुरुआती दौर में मनोज कुमार ने भूतों पर कहानियां लिखी थीं. इन कहानियों को फिल्मों में भी इस्तेमाल किया गया. इसके लिए मनोज कुमार ने कोई क्रेडिट भी नहीं लिया.

14- अपने संघर्ष के दिनों में अमिताभ बच्चन की मदद करने वालों में मनोज कुमार भी एक नाम हैं. मनोज कुमार ने अपनी फिल्म रोटी कपड़ा और मकान में अमिताभ बच्चन को एक रोल प्ले करने को दिया था.

15-  मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने भी फिल्मों में काम किया. मगर वो अपने पिता की तरह कामयाब एक्टर नहीं बन पाए.

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