कंगना रनोट किसी भी ब्यूटी क्रीम के विज्ञापन में नजर नहीं आती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना है कि विज्ञापनों में झूठी बातें परोसी जाती हैं. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा,' ज्यादातर विज्ञापनों में युवाओं को गलत संदेश दिया जाता है. उनके मन में गलत विचार डाले जाते हैं. इसलिए हमारा देश पिछड़ता जा रहा है'.
कंगना रनोट को फेयरनेस क्रीम का कॉन्सेप्ट बहुत दुखी करता है. निजी अनुभवों को साझा करते हुए कंगना ने बताया कि इस वजह से विदेशों में भारत की खिल्ली उड़ाई जाती है. लोग यह कह कर हमारा मजाक उड़ाते हैं कि हम आज की तारीख में भी रंग पर तवज्जो देते हैं और अपनी ही नस्ल को नीच नजरों से देखते हैं.
'मैं जानती हूं कि ऐसा करने से मैं दुनिया नहीं बदल सकती. यह भी जानती हूं कि मेरे इस इंटरव्यू को पढ़ने के बाद एक भी शख्स ऐसे फेयरनेस क्रीम खरीदना बंद नहीं कर देगा. लेकिन मुझे इस बात का सुकून होता है कि मैं अपने स्तर से इस ओर सकारात्मक कदम उठा रही हूं'.