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Review: रिश्तों का ताना बाना दिखाती '3 स्टोरीज', रेणुका शहाणे करेंगी सरप्राइज

फिल्म 3 स्टोरीज तीन अलग-अलग कहानियों को दर्शाती है और ये तीनों कहानियां मुंबई के एक मध्यम वर्गीय इलाके में बेस्ड हैं. आइए जानते हैं कैसी बनी है यह फिल्म...

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रेणुका शहाणे और पुलकित सम्राट
रेणुका शहाणे और पुलकित सम्राट

फिल्म का नाम: 3 स्टोरीज

डायरेक्टर: अर्जुन मुखर्जी  

स्टार कास्ट: रेणुका शहाणे, पुलकित सम्राट, शरमन जोशी, मसुमेह मखीजा, ऋचा चड्ढा, आयशा अहमद, अंकित राठी,  दधि पांडे

अवधि: 1 घंटा 39 मिनट

सर्टिफिकेट: U /A

रेटिंग: 3.5 स्टार

फिल्म 3 स्टोरीज तीन अलग-अलग कहानियों को दर्शाती है और ये तीनों कहानियां मुंबई के एक मध्यम वर्गीय इलाके में बेस्ड हैं. जो कि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. अर्जुन मुखर्जी इस मूवी से बतौर डायरेक्टर डेब्यू कर रहे हैं. आइए जानते हैं कैसी बनी है यह फिल्म...

कहानी

यह कहानी मुंबई के मायानगर इलाके से शुरू होती है जहां रहने वाली फ़्लोरी मेंडोंसा (रेणुका शहाणे) को अपना घर बेचना है और उसकी खरीददारी के लिए सुदीप (पुलकित सम्राट) आता है. घर का दाम वैसे तो 20 लाख है लेकिन फ़्लोरी उसे 80 लाख में बेचना चाहती है.  वहीं दूसरी तरफ वर्षा (मसुमेह मखीजा) और शंकर वर्मा (शरमन जोशी) की लव स्टोरी भी चलती रहती है. लेकिन वर्षा की शादी किसी और से हो जाती है. मायानगर इलाके की तीसरी कहानी रिजवान (दधि पांडे) के बेटे सुहेल (अंकित राठी) और मालिनी (आएशा अहमद) की लव स्टोरी है. इन तीनों कहानियों का एक दूसरे से बड़ा गजब नाता होता है. इन सबके बीच लीला (ऋचा चड्ढा) का क्या रोल होता है. यह कहानी का दिलचस्प मोड़ है, जिसके बारे में जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

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जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं

फिल्म की कहानी काफी सामान्य है लेकिन तीनों कहानियों के बीच डायरेक्टर ने बहुत ही अच्छे तरह से सामंजस्य बिठाया है. फिल्म में रिश्तों के ताने बाने को बखूबी दर्शाने के साथ-साथ बहुत ही शार्प एडिटिंग भी की गयी है. फिल्म का स्क्रीनप्ले बढ़िया है और कहानी सुनाने का ढंग अच्छा है. कैमरा वर्क भी अच्छा है. अभिनय के लिहाज से रेणुका शहाणे पूरी तरह से सरप्राइज करते हुए नजर आती हैं. वहीं शरमन जोशी, मसुमेह मखीजा, अंकित राठी, आयशा अहमद के साथ साथ पुलकित सम्राट भी अलग अंदाज में दिखाई देते हैं. पुलकित की अभिनय के हिसाब से यह सर्वश्रेष्ठ फिल्म है. वहीं अभिनेता दधि पांडे ने इस फिल्म में अंकित राठी के पिता का किरदार बढ़िया निभाया है. ऋचा चड्ढा का छोटा लेकिन सहज अभिनय है. अभिनय के लिहाज से फिल्म अच्छी है.

कमजोर कड़ियां

फिल्म लगभग 1 घंटे 40 मिनट की है लेकिन रफ़्तार काफी धीमी है. जिसे थोड़ा और बेहतर किया जा सकता था. फिल्म की रिलीज से पहले कोई भी गाना अलग से उभरकर सामने नहीं आया है. अगर ऐसा होता तो दिलचस्पी का लेवल और ज्यादा होता.

बॉक्स ऑफिस 

यह एक लो बजट फिल्म है जिसे मार्केटिंग और प्रमोशन के साथ 5 करोड़ में बना लिया गया है. इस फिल्म की अलग तरह की ऑडियंस है. यह टिपिकल मसाला या कमर्शियल फिल्म नहीं है. वर्ड ऑफ़ माउथ की वजह से दर्शक थिएटर तक जा सकेंगे. फिल्म लगभग 350 स्क्रीन्स में रिलीज की जाने वाली है. इसी के साथ 2 और फिल्में दिल जंगली और हेट स्टोरी 4 भी रिलीज होने जा रही है. जिसकी वजह से कमाई में बंटवारा भी लाजमी है.

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