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DMK नेता स्टालिन का दर्द बांटने पहुंचे रजनीकांत, विजय से म‍िली चुनाव में करारी हार

तमिलनाडु चुनाव में विजय की बड़ी जीत के बाद अब रजनीकांत की एक तस्वीर नई राजनीतिक चर्चा का मुद्दा बन गई है. DMK की हार के बीच स्टालिन से उनकी मुलाकात को सपोर्ट की तरह देखा जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ विजय सरकार बनाने की तैयारी में जुटे हैं और गठबंधन की बातचीत तेज हो चुकी है.

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रजनीकांत ने विजय से हार के बाद एम के स्टालिन को दिया सपोर्ट (Photo: X/@iammoviebuff007)
रजनीकांत ने विजय से हार के बाद एम के स्टालिन को दिया सपोर्ट (Photo: X/@iammoviebuff007)

तमिलनाडु में पॉलिटिक्स का रंग बहुत तेजी से बदल चुका है. दो साल पहले अपनी पार्टी बनाकर राजनीति में एंट्री लेने वाले सुपरस्टार थलपति विजय, अब मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं. पर इस बीच तमिल सुपरस्टार रजनीकांत भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गए हैं. सोशल मीडिया पर रजनीकांत की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पार्टी के नेता एम के स्टालिन के सामने, उनके घर पर बैठे नजर आ रहे हैं.

रजनीकांत ने स्टालिन को जताया सपोर्ट
तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) की जीत से सबसे बड़ा नुकसान स्टालिन की पार्टी DMK को ही हुआ है. 2021 के चुनावों में DMK ने 133 सीटें जीती थीं और एम के स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. इस बार उनकी पार्टी 74 सीटों के नुकसान के साथ, 59 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई. इसलिए अब स्टालिन को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा.

दूसरी तरफ दो साल पहले बनी विजय की पार्टी ने अपने पहले ही चुनावों में 108 सीटों की धमाकेदार जीत दर्ज की है. विजय की पार्टी का तूफान ऐसा रहा कि उनके कैंडिडेट वी एस बाबू के सामने, स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा सके. ये पहली बार है जब कोलाथुर की सीट पर स्टालिन चुनाव हारे हैं. स्टालिन चुनाव हारे हैं इसलिए वो तमिलनाडु की विधानसभा में विपक्ष के नेता भी नहीं बन सकते. रिपोर्ट्स बताती हैं कि रजनीकांत ने इस राजनीतिक हार के बीच अपना सपोर्ट जताने के लिए स्टालिन से मुलाकात की है.

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पहले भी DMK को सपोर्ट कर चुके हैं रजनीकांत
रजनीकांत की राजनीति में दिलचस्पी बहुत पुरानी रही है. 1995 में उनके राजनीति के मैदान में उतरने की उम्मीद थी. लेकिन तब राजनीति में आने की बजाय रजनीकांत ने DMK गठबंधन को सपोर्ट दिया था और उनके लिए चुनाव प्रचार भी किया था. रजनीकांत ने 1998 के लोकसभा चुनावों में भी DMK को सपोर्ट किया था. फैन्स के लंबे इंतजार के बाद 2017 में रजनीकांत ने पॉलिटिक्स में एंट्री अनाउंस की थी, लेकिन 2021 में अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने अपना ये फैसला पलट दिया.

दूसरी तरफ विजय के खेमे में सियासी हलचल तेज होने लगी है. उनकी पार्टी ने दमदार तरीके से चुनाव जीत जरूर लिया है, मगर वो बहुमत से कुछ सीट पीछे रह गए हैं. सूत्रों के अनुसार विजय इस समय कांग्रेस और कई छोटी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन की सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट बताती है कि विजय 7 मई को, 9 कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

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