कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो आपको ये सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या सचमुच अपने लोग भी आपकी मौत का कारण बन सकते हैं. बांग्लादेशी एक्ट्रेस रायमा इस्लाम शिमू के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. चार साल पहले उनकी हत्या हुई थी, जिसके पीछे उनके पति सखावत अली नोबेल का हाथ रहा.
कैसे हुई थी रायमा की हत्या?
राइमा की हत्या का मामला साल 2022 में सामने आया था. 16 जनवरी 2022 की सुबह वो करीब 7 बजे अपने घर से निकली थीं. परिवार के मुताबिक एक्ट्रेस शूटिंग के लिए जा रही थीं. लेकिन वो शूटिंग लोकेशन तक पहुंची ही नहीं पाईं, और उनका फोन भी नहीं लग रहा था.
अंधेरा होने तक जब रायमा घर नहीं लौटीं तो परिवार को चिंता हुई. अगले दिन उनकी बहन ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसी दौरान केरानीगंज इलाके से पुलिस को एक बोरी मिलने की खबर मिली. एक ब्रिज के पास झाड़ियों में उस बोरी के अंदर एक महिला का शव था, जो दो हिस्सों में काटा हुआ था. उसकी हालत देखकर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू की. बाद में शव की पहचान रायमा के रूप में हुई.
रायमा की हत्या के बाद शक की सुई फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर गई. पुलिस ने एक्टर जायद खान से भी पूछताछ की क्योंकि एक वक्त में रायमा और उनके बीच विवाद की बात सामने आई थी. हालांकि जांच में उनसे जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं मिला.
पति पर कैसे हुआ शक?
बाद में पुलिस को इस हत्या का सबसे बड़ा सुराग परिवार की कार से मिला. जांच के दौरान कार के अंदर से तेज ब्लीच की गंध आई. पुलिस को शक हुआ कि कार को साफ करके सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी. वहां से एक नायलॉन की रस्सी भी मिली थी. दिलचस्प बात ये रही कि जिस बोरी में रायमा शिमू का शव मिला था, उसे भी उसी नायलॉन की रस्सी से बंद किया गया था.
इसके बाद पुलिस का शक एक्ट्रेस के पति सखावत अली नोबेल पर गया. वो रायमा के पति और उनके दोस्त एसएमवाई अब्दुल्लाह फरहाद समेत छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लग गए. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सखावत ने अपनी पत्नी की हत्या की बात स्वीकार की. जांच में ये आरोप निकलकर सामने आया था कि रायमा उस सुबह शूटिंग के लिए घर से निकली ही नहीं थीं.
पति के साथ रायमा का हुआ था झगड़ा!
पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे रायमा और उनके पति के बीच तगड़ी बहस हुई थी. आरोप था कि बहस के बाद सखावत ने रायमा के साथ मारपीट की और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त फरहाद को बुलाया. पुलिस का कहना था कि दोनों ने रायमा के शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की.
जांच के मुताबिक, दोनों ने शव को बोरी में रखा और उसे कार की डिग्गी में छिपाया ताकि किसी को शक ना हो. दिन में शव को ठिकाने लगाने के लिए वो कार से निकले, लेकिन लोगों की नजर पड़ने के डर से वापस लौट आए. फिर रात करीब 9 बजे दोनों दोबारा घर से निकले और केरानीगंज के एक ब्रिज के पास सुनसान जगह पर बोरी को झाड़ियों में फेंक दिया.
हिंसक था पति
इस मामले में रायमा की शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी कई बातें सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था. रायमा ने मौत से कुछ महीने पहले अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई थी. उनकी बेटी ने भी जांचकर्ताओं को बताया था कि उनके पिता अक्सर उनकी मां के साथ मारपीट करते थे. रायमा की मौत के चार साल से ज्यादा समय बाद भी ये मामला चर्चा में है. उनके पति और दोस्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई है, लेकिन मामले में अंतिम न्यायिक फैसला नहीं दिया गया है.