कितना मुश्किल है न, अपनी फीलिंग्स के बारे में सोचना, उनके साथ बैठना, उन्हें खुलकर महसूस करना और उन्हें समझना. हम सब जिंदगी में एक ऐसा इंसान चाहते हैं, जो हमें समझ सके, हमें संभाल ले, जो समझे कि हम जैसे हैं वैसे क्यों हैं, जो करते हैं वो क्यों करते हैं, जो चाहते हैं उसे क्यों चाहते हैं, जो कहते हैं उसका असली मतलब क्या है. हम चाहते हैं एक ऐसा इंसान जिसे सबकुछ बोलकर बताने की जरूरत न हो. जो सबकुछ अपने आप समझ ले, इशारों में, आंखों-आंखों में... और जो दुनिया की लाख कमियां हमारे अंदर देखने के बाद भी यही कहे कि तुम से कमाल कोई नहीं, बेमिसाल कोई नहीं, तुम मेरे हो और मैं तुम्हारा, जहां ले चलो चलूंगा, जो बोलो करूंगा, तुम्हारी खुशी में मेरी खुशी है. मगर जब खुद को प्यार दिखाने और चीजें महसूस होने देने की बारी आती है तो हम भागते हैं. खुद से भी और दुनिया से भी.
ऐसी ही मुश्किल फीलिंग्स और भारी बातों से मिलकर बना है नेटफ्लिक्स का के-ड्रामा 'वी आर ऑल ट्राइंग हियर (We Are All Trying Here)'. हम सब अपनी जिंदगी में अकेले हैं. अक्सर लोग कहते हैं अकेले आए थे, अकेले चले जाएंगे. सब जानते हैं, कोई मानता नहीं है... या कहा जाए कि मानना नहीं चाहता. हम सबको इस जिंदगी में कोई अपना कहने को चाहिए, जो सिर्फ हमारा हो, हमारे जाने के बाद हमें याद करे, हमारे पीछे छूट गईं चीजों को संजोकर रखे, जो हमारे वजूद की गवाही दुनिया को दे. मगर हम सब इस दुनिया में अकेले हैं. कभी भीड़ में, कभी घर के अपने छोटे से कमरे में, तो कभी बस अपने दिमाग में. और अगर आपको लोनली यानी अकेलापन महसूस होता है तो ये गलत बिल्कुल नहीं है. आपको बस ये समझने की जरूरत है कि दुनियाभर में आपके जैसे ढेरों लोग हैं, जो खुद को अकेला महसूस करते हैं. मैंने कहीं पढ़ा था- loneliness is an epidemic people seldom talk about, कि अकेलापन एक ऐसी महामारी है, जिसके बारे में लोग कम ही बात करते हैं.
ये के-ड्रामा छूएगा आपका दिल
चाहतों से बना इंसान एक चाहत चाहता है, कोई उसे चाहे ये चाहता है. ऐसा ही कुछ 'वी आर ऑल ट्राइंग हियर' का हीरो Hwang Dong-man (Actor Koo Kyo-hwan) भी चाह रहा है. डोंग-मान, अपनी जिंदगी में अकेलेपन के साथ-साथ बेकार और नाकारा होने के ख्यालों और इल्जामों से भी लड़ रहा है. 20 साल से बतौर फिल्म डायरेक्टर इंडस्ट्री का हिस्सा बने हुए डोंग-मान को अभी तक डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है. उसने अपने कॉलेज के 7 दोस्तों के साथ सिनेमा की क्रूर दुनिया में कदम रखा था. सभी अपनी कहानी और सफर में आगे बढ़ गए हैं, मगर डोंग-मान आज भी वहीं का वहीं खड़ा है. उसपर कोई चांस नहीं लेना चाहता. कोई उसे पसंद नहीं करता. कोई उसका दर्द और अकेलापन नहीं बांटता. और डोंग-मान भी बहुत दूध का धुला नहीं है. वो भी अपने साथियों की सफलता से जलता है. दोस्तों को नया प्रोजेक्ट मिलने, उनकी पिक्चर रिलीज या हिट होने पर उसके कलेजे पर छुरियां चलती हैं. इसलिए वो लगातार सबकी बुराई करता है. मगर इसके बदले में उसे भी बुराई ही मिलती है. कोई नहीं समझता कि डोंग-मान, जो बिना सांस लिए इतना बोलता है और ठूस-ठूसकर खाना खाता है, वो असल में अपना दर्द छुपा रहा है.
दूसरी तरफ है Byeon Eun-a (Actress Go Youn-jung). Eun-a एक टैलेंटेड यंग प्रोड्यूसर है, जो रोज़ अपने बचपन के ट्रॉमा से लड़ती है. Eun-a बढ़िया इंसान है. हर चीज को गहराई से समझती है. किसी का बुरा नहीं सोचती. अपने तेज दिमाग और अच्छी स्क्रिप्ट की समझ के चलते इंडस्ट्री में काफी इज्जत पा चुकी है. वो यूं तेज तर्रार अंदाज में एक स्क्रिप्ट की धज्जियां उड़ाती है कि ऑफिस में उसे Axe यानी कुल्हाड़ी नाम दे दिया गया है. किसी से न डरने वाली बोल्ड, मगर शांत Eun-a, जब डोंग-मान से मिलती है तो उसे अपना दिल दे बैठती है. दोनों की सोच एक जैसी है और उनके हालात भी. इसके अलावा उनके बीच एक कॉमन चीज उनके हाथों में बंधी 'मेडिकल वॉच' भी है, जो उनके जज़्बातों को अलग-अलग नाम देती है. जब दोनों दुनियाभर का सामना करते हैं तो ये घड़ी पूरा वक्त लाल रहती है. बताती है कि आपको 'गुस्सा', 'असंजस', 'बोरिंग' और 'निराश' महसूस हो रहा है. मगर जब दोनों साथ होते हैं तो सिंक (Sync) में आ जाते हैं और घड़ी हरी हो जाती है.
सुकून देने वाला है दोनों का प्यार
Dong-man और Eun-a के अलावा शो में डोंग-मान का भाई Hwang Jin-man, डायरेक्टर Park Gyeong-se, प्रोड्यूसर Ko Hye-jin समेत अन्य किरदार हैं, जो अपनी-अपनी जिंदगी में अलग-अलग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. यही इस सीरीज की खासियत है कि ये इंसान को इंसान जैसा ही दिखाती है. यहां कोई सुपरहीरो नहीं है. सब आम लोग हैं, जिनकी जिंदगी मुश्किलें है और जहां परेशानियां महज सोकर उठने से ठीक नहीं होतीं. उन्हें उन मुश्किलों का सामना रोज करना पड़ता है और उनका हल भी खुद ही निकालना पड़ता है. सब किसी न किसी चीज का सामना कर रहे हैं. एक को दूसरे के मन में चल रही बात नहीं पता, पर फिर भी किसी न किसी तरह वो दूसरे की मदद कर ही देते हैं.
'वी आर ऑल ट्राइंग हियर' बहुत प्यार से बनाई एक बढ़िया सीरीज है, जो आपको जिंदगी और उससे जुड़ी चीजों के बारे में सोचने पर मजबूर करती है. धीमी रफ्तार वाली इस सीरीज के एक-एक पल को आराम से महसूस करने का मौका आपको मिलता है. सीरीज में कई खूबसूरत पल हैं. डोंग मान और Eun-a के बीच का प्यार, डोंग-मान और उसके दोस्तों की मस्ती, डोंग-मान का कभी न हार मानना... इस सीरीज का एक सीन जो सबसे ज्यादा वायरल हुआ है वो है Eun-a का डोंग-मान को गले लगाना. ये के-ड्रामा के इतिहास की सबसे प्यारी और सुकून देने वाली हग है, जिसे देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा.
डायलॉग्स जीत लेंगे दिल
इसके अलावा शो में कई ऐसे सीन हैं जो आपको रुलाते हैं. इसके डायलॉग बेहद खूबसूरत हैं. जैसे डोंग-मान का अपने भाई से पूछना कि उसकी जिंदगी का मकसद क्या है? इसके जवाब में जिन-मान का कहना, 'आराम से जीना. दुनियादारी से दूर, मटेरियल चीजों से अलग, आराम से.' या फिर Eun-a का लोगो की फीलिंग्स के बारे में बात करना. वो कहती है कि लोग फीलिंग्स के गुब्बारे जैसे हैं. काश वो हाड़-मांस की जगह एक ही इमोशन के बने होते, जो वक्त के साथ बढ़ता रहता और उन्हें पूरी तरह अपने अंदर समा लेता? एक दर्दभरा पल वो है जब ताने सुनते और जिल्लत सहते थक चुका डोंग-मान हताश होकर कहता है कि 'मैं सफल होने की कोशिश नहीं कर रहा, मैं चाहता हूं कि मुझे बस उदास महसूस होना बंद हो जाए.'
डोंग-मान और Eun-a के बीच का प्यार देखकर आप भी वैसा ही कुछ चाहेंगे. वो दोनों एक दूसरे के साथ खुश हैं. एक दूसरे का साथ देते हैं और तमाम खामियों के बीच एक दूसरे की अच्छाई को देखने और एक दूसरे को खुलकर इस बारे में बताने और हौसला देने में कमी नहीं करते. डोंग-मान की आंखों से जब आप Eun-a को देखते हैं तो आपको उससे प्यार हो जाता है. Eun-a की नजरों से देखने पर आपको डोंग-मान इरिटेटिंग नहीं लगता, आम इंसान लगता है, दर्द से भरा मगर डटकर खड़ा हुआ, हंसता इंसान.
के-ड्रामा से मिलते हैं ये लाइफ लेसन
अंत में 'वी आर ऑल ट्राइंग हियर' आपको ढेरों बातें सिखाती है. ये आपको बताती है कि हर कोई एक रफ्तार से बड़ा नहीं होता. आप जहां हैं किसी और को उस जगह पहुंचने में वक्त लग सकता है. 20 की उम्र में जिंदगी में कुछ बड़ा कर लेना सबकुछ नहीं होता, और सबके साथ भी ये नहीं होता. कोई भी आपकी जिंदगी में गलती से नहीं आता. हर वो इंसान जो आपके पास, आपके जीवन में है, एक मकसद से भेजा गया है.
ये बताती है कि कभी-कभी आपको सिर्फ एक ही ऐसे इंसान की जरूरत होती है, जो आपके ऊपर भरोसा करता हो. और सब अपनी जिंदगी में कोई न कोई जंग लड़ रहे हैं. आप उसे देख नहीं सकते, मगर दूसरे को थोड़ी दयालुता तो दिखा ही सकते हैं. ये बताती है कि हमें हमेशा सलाह की जरूरत नहीं होती, कभी-कभी कोई समझने वाला मिल जाए, उतना भी काफी होता है. और आप कितने लायक हो ये इस बात से साबित नहीं होता कि आप कितने सफल हो. साथ ही कुछ जख्म सालों तक आपके अंदर ही रहते हैं. लोग ठीक होने का दिखावा करते हैं ताकि दूसरों पर बोझ न बनें. और अंत में ये बताती है कि हम सब यहां कोशिश ही कर रहे हैं... अपनी जिंदगी जीने की, मुश्किलों का सामना करने की, खुश रहने की.