बॉलीवुड इंडस्ट्री में अक्सर नेपोटिज्म पर तीखी बहस छिड़ी रहती है. स्टार किड्स को आमतौर पर लोगों की नफरत का सामना करना पड़ता है. वहीं दूसरी तरफ जो बाहर से आया एक्टर या एक्ट्रेस है, उसे लोगों की सहानुभूति मिलती है. अब लोग ऐसा क्यों करते हैं, ये तो फिलहाल वही जाने. मगर इस बीच डायरेक्टर इम्तियाज अली ने नेपोटिज्म पर एक बड़ा बयान दे डाला है, जिसे सुनकर स्टार किड्स से नफरत करने वालों को झटका लग सकता है.
इम्तियाज अली ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि बॉलीवुड में नेपो किड्स को बाहर से आने वाले कलाकारों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. उनके मुताबिक, उन एक्टर्स पर अपनी लिगेसी को आगे बढ़ाने का बोझ रहता है. वहीं उनके जैसे आउटसाइडर्स के ऊपर कोई दबाव नहीं रहता.
नेपोटिज्म पर इम्तियाज की राय
जूम से डायरेक्टर ने रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को नेपो किड का टैग मिलने पर कहा- मुझे लगता है कि आलिया, रणबीर और फिल्म इंडस्ट्री के जो भी बच्चे हैं, जो इसी परिवार में पैदा हुए हैं, उन्हें एक्स्ट्रा मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं. क्योंकि उनके आस-पास हर तरफ सफलता के उदाहरण मौजूद हैं. उन्हें अपने पापा, चाचा, मम्मी जैसों से मुकाबला करके ही खुद को सफल समझना पड़ता है. जबकि बाहर से आने वाले लोगों को, मेरे जैसे, हमें उस हिसाब से आसानी होती है.
'रणबीर आज फिल्म इंडस्ट्री में एक अच्छे एक्टर हैं, इसमें कोई शक नहीं है. आप उसे नेपो किड कह सकते हो, लेकिन सच ये है कि उसके काम इतने अच्छे हैं कि सारे शक दूर हो जाते हैं. आलिया भट्ट भी इतनी अच्छी हैं कि जब उन्हें कोई रोल मिलता है तो किसी को बुरा नहीं लगता. बल्कि लोग चाहते हैं कि उन्हें और ज्यादा रोल मिलें. लेकिन ये सब कमाना पड़ता है. फिल्म इंडस्ट्री में जन्मे लोगों को अपना नाम बनाने के लिए और भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.'
इम्तियाज अली वैसे रणबीर कपूर और आलिया भट्ट, दोनों के साथ काम कर चुके हैं. रणबीर संग उन्होंने दो फिल्में रॉकस्टार और तमाशा बनाई, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था. वहीं आलिया के साथ हाईवे फिल्म बनाई थी, जो हिट भी हुई थी. अब इम्तियाज अली दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी वाघ और नसीरुद्दीन शाह संग फिल्म मैं वापस आऊंगा लेकर आ रहे हैं, जो 12 जून को थिएटर्स में रिलीज होनी है.