बॉलीवुड फिल्मों में इन दिनों पुराने गानों को नए रंग-रूप में पेश करने यानी रीमिक्स का चलन चरम पर है. लगभग हर दूसरी फिल्म में दशकों पुराने सुपरहिट गानों को रीक्रिएट किया जा रहा है. इस बढ़ते ट्रेंड पर अब मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने तीखा रिएक्शन दिया है.उन्होंने हिंदी सिनेमा में ओरिजिनल म्यूजिक की लगातार होती कमी पर गहरी चिंता जताई है.
संजय गुप्ता का मानना है कि इंडस्ट्री अब नए और यादगार गाने बनाने के बजाय सिर्फ पुरानी यादों को भुनाने में लगी है. सोशल मीडिया पर उनके इस बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है, जहां आम लोग और सिनेमा प्रेमी भी उनकी बातों से पूरी तरह सहमत नजर आ रहे हैं.
हाल ही में रिलीज हुए रीमिक्स गाने
संजय गुप्ता की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में बैक-टू-बैक कई बड़े गानों के रीमिक्स वर्जन रिलीज हुए हैं. हाल ही में दर्शकों ने सुष्मिता सेन और सलमान खान की 1999 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बीवी नंबर 1' के आइकॉनिक गाने 'चुनरी चुनरी' का नया वर्जन 'है जवानी तो इश्क होना है' के रूप में देखा. वहीं, सोमवार (1 जून) को अक्षय कुमार और कटरीना कैफ की हिट फिल्म 'वेलकम' के मशहूर गाने 'ऊंचा लंबा कद' का भी नया रूप सामने आया, जिसे आने वाली फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' के लिए रीक्रिएट किया गया है.
संजय गुप्ता ने दिया रिएक्शन
लगातार आ रहे इन रीमिक्स गानों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बॉलीवुड की इस सोच पर सवाल खड़े किए. उन्होंने किसी का नाम लिए तंज भरे लहजे में लिखा, '2026 में फिल्मी म्यूजिक का हाल यह है कि 20 साल पहले के हर सुपर-हिट गाने का रीमिक्स बनाकर रिलीज कर दिया गया है. मेरी असली चिंता यह है कि साल 2046 में ये लोग किसका रीमिक्स बनाएंगे? क्या तब रीमिक्स का ही रीमिक्स बनाया जाएगा?'
फिल्ममेकर ने फिर पूछा सवाल
इसके बाद एक और पोस्ट में संजय गुप्ता ने एक और बेहद दिलचस्प और सोचने पर मजबूर करने वाला सवाल जनता के सामने रखा. उन्होंने पूछा कि अगर बॉलीवुड पूरी तरह से बने-बनाए फॉर्मूलों पर निर्भर रहना छोड़ दे तो क्या होगा? उन्होंने लिखा, 'यह एक काल्पनिक लेकिन बहुत जरूरी सवाल है. मान लीजिए कि बॉलीवुड में प्रीक्वल, सीक्वल, रीमेक और रीमिक्स बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए और सिर्फ ओरिजिनल आइडिया पर काम करने की इजाजत हो. ऐसे में क्या होगा? ऑप्शन A: भारतीय सिनेमा का सबसे बेहतरीन दौर शुरू होगा, या ऑप्शन B: फिल्म इंडस्ट्री 6 महीने के भीतर ही पूरी तरह ठप हो जाएगी.'
हालांकि, जिन फिल्मों में इन दिनों रीमिक्स गानों का इस्तेमाल हुआ है, उनके मेकर्स की तरफ से संजय गुप्ता के इस बयान पर अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया है. अगर संजय गुप्ता के काम की बात करें, तो वह बॉलीवुड में अपने खास स्टाइल की एक्शन थ्रिलर और क्राइम ड्रामा फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में 'कांटे', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'शूटआउट एट वडाला' और 'जज्बा' जैसी कई दमदार और कल्ट फिल्में दी हैं.