हिंदी सिनेमा जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है. बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि गुप्ता अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर गए थे, जिसके बाद उनका निधन हुआ. फिलहाल इस दुखद हादसे को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है और उनके फैंस तथा फिल्म उद्योग से जुड़े लोग इस खबर से गहरे सदमे में हैं.
हालांकि उनकी मौत के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, बताया जा रहा है कि कल रात गुप्ता अपने बाथरूम में गिर गए थे. आज सुबह तक किसी को इस बात का पता नहीं चला, और बाद में पता चला कि गिरने के कारण उनकी मौत हो गई है. वर्सोवा पुलिस ने एक ADR (दुर्घटना से हुई मौत की रिपोर्ट) दर्ज की है और मामले की जांच चल रही है. पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी तरह की साजिश या गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं मिला है.
'आतिश' से की थी निर्देशन की शुरुआत
संजय गुप्ता ने साल 1994 में आई फिल्म 'आतिश: फील द फायर' के जरिए बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी. संजय दत्त और आदित्य पंचोली के मुख्य अभिनय वाली इस एक्शन-ड्रामा फिल्म ने दर्शकों को उनके काम करने के खास अंदाज से रूबरू कराया. इसमें उनका दमदार एक्शन, धारदार संवाद और कहानी पेश करने का अनूठा तरीका साफ देखने को मिला था. इसी फिल्म के बाद से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई, खासकर अपराध और मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित सिनेमा में.
'कांटे' फिल्म से मिली जबरदस्त पहचान
उनके करियर की सबसे बड़ी और बहुचर्चित फिल्मों में 2002 में आई 'कांटे' का नाम सबसे ऊपर आता है. इस हीस्ट थ्रिलर फिल्म का निर्देशन और निर्माण खुद संजय गुप्ता ने ही किया था. अमेरिका के बड़े लोकेशंस पर शूट की गई इस मल्टी-स्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव मुख्य भूमिकाओं में थे. अपने जबरदस्त ट्रीटमेंट, बेहतरीन स्टारकास्ट और शानदार तकनीकी काम की वजह से इस फिल्म ने सिनेमा जगत में एक 'कल्ट' दर्जा हासिल किया.
अंडरवर्ल्ड की कहानियों पर पकड़
'कांटे' के बाद भी उन्होंने क्राइम जॉनर में कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स दिए. उन्होंने 2004 में 'मुसाफिर' जैसी स्टाइलिज्ड फिल्म बनाई और 2007 में आई सुपरहिट फिल्म 'शूटआउट एट लोखंडवाला' से बतौर निर्माता जुड़े. इसके बाद 2013 में उन्होंने मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर ही आधारित फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' का निर्देशन किया. इन फिल्मों ने भारतीय सिनेमा में क्राइम और गैंगवार से जुड़ी कहानियों को शामिल किया.
थ्रिलर और एक्शन में भी दिखाया हुनर
गैंगस्टर फिल्मों से हटकर भी उन्होंने कई अलग तरह की कहानियों पर काम किया. 2017 में उन्होंने ऋतिक रोशन स्टारर एक्शन-रिवेंज थ्रिलर फिल्म 'काबिल' का सफल निर्देशन किया, और इसके बाद 2021 में कई बड़े कलाकारों के साथ एक्शन ड्रामा फिल्म 'मुंबई सागा' लेकर आए. उनकी हर फिल्म में हाई-कॉन्ट्रास्ट विजुअल्स, अनोखी लाइटिंग स्टाइल और साउंड व एक्शन डिजाइन पर खास काम साफ नजर आता था.
संजय गुप्ता ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'व्हाइट फेदर फिल्म्स' के बैनर तले कई ऐसे प्रोजेक्ट्स बनाए जिन्होंने मुख्यधारा के हिंदी क्राइम सिनेमा को बदलने और नया मोड़ देने में अहम भूमिका निभाई. फिल्म मेकिंग की उनकी अनोखी शैली और तकनीकी बारीकियों पर उनका गहरा फोकस ही उन्हें बाकी निर्देशकों से अलग और खास बनाता था.
सिनेमा जगत में शोक की लहर
अचानक उनके निधन की खबर आने के बाद से ही पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री, उनके सह-कलाकारों और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. फिलहाल उनके अंतिम संस्कार और इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.