
'धुरंधर 2' वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 1300 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है. 'धुरंधर 2' में बड़े साहब का किरदार यानी दाऊद इब्राहिम का रोल एक्टर दानिश इकबाल ने अदा किया है.
दानिश इकबाल एक थिएटर आर्टिस्ट हैं, जिन्हें 30 साल के लंबे स्ट्रगल के बाद 'धुरंधर 2' ने रातोरात स्टार बना दिया. आजतक डिजिटल को दिए इंटरव्यू में दानिश ने 'धुरंधर 2' में कास्टिंंग, अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर बात की.
'धुरंधर 2' से 'धुरंधर' बन गए हैं आप, कैसा लग रहा है?
ये एहसास शब्दों से परे है. ऐसा लग रहा है मानो मुझे तोहफा मिल गया हो. एक आर्टिस्ट हमेशा चाहता है कि उसके काम को पहचाना जाए, लेकिन अभी जो प्यार और फेम मिला, उसकी कल्पना नहीं की थी. अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है.
एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का कब सोचा, स्ट्रगल कितना करना पड़ा?
मैंने तीन दशकों तक थिएटर में काम किया और 'अरण्यक, 'महारानी, 'महारानी 2', 'हक', 'फराज', 'द हंट', 'आखरी सच', ‘गर्मी’ और संकल्प जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी पहचान बनाई. असली स्ट्रगल खुद को हर दिन बेहतर साबित करने का होता है.
'धुरंधर 2' के सेट से कोई किस्सा याद है, जो बहुत यादगार हो या फनी हो?
प्रोस्थेटिक मेकअप के बाद मैं न कुछ खा पाता था और न हिल पाता था. कभी-कभी आदित्य सर पर्सनली आकर मेरी तकिया ठीक करने लगते थे.
आदित्य धर से पहले आप उनकी वाइफ यामी गौतम के साथ 'हक' में काम कर चुके हैं. हक से 'धुरंधर 2' में कास्ट हुए?
'हक' और 'धुरंधर 2' की कास्टिंग का आपस में कोई लेना-देना नहीं है. 'धुरंधर 2' में मेरी कास्टिंग मुकेश छाबड़ा जी ने की है. ये पूरी तरह से एक स्वतंत्र कास्टिंग प्रक्रिया और ऑडिशन का नतीजा था. उन्होंने मुझमें उस किरदार की संभावना देखी और मुझे ये मौका मिला.
'धुरंधर 2' में दाऊद इब्राहिम का किरदार निभाने का सुनकर कैसा रिएक्शन था आपका?
डर तो नहीं, लेकिन एक जिम्मेदारी महसूस हुई. दाऊद एक ऐसा किरदार है जिसकी एक खास इमेज लोगों के दिमाग में है. उसे बिना 'कैरिकेचर' बनाए निभाना एक चुनौती थी

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'धुरंधर 2' में आपका फेवरेट कौन है? और क्यों? कैसा लगा काम करके?
पूरी कास्ट ही धुरंधर है! इसीलिए फिल्म इतनी अच्छी है.
वेब सीरीज और फिल्मों के बीच काम करने में क्या फर्क लगा?
वेब सीरीज में किरदार को विस्तार देने का समय मिलता है, आप उसकी बारीकियों में जा सकते हैं. फिल्म एक हाई-ऑक्टेन अनुभव होती है जहां हर फ्रेम में प्रभाव छोड़ना जरूरी होता है.
'धुरंधर 2' को लोग प्रोपेगेंडा क्यों बता रहे हैं?
एक अभिनेता होने के नाते मैं इस पर सिर्फ अपनी कला के नजरिए से ही बात कर सकता हूं. मेरा काम स्क्रिप्ट में लिखे पात्र को पूरी ईमानदारी और शिद्दत से पर्दे पर उतारना है.
जहां तक 'प्रोपेगेंडा' की बात है, तो हर फिल्म या कलाकृति को लेकर समाज में अलग-अलग राय और नजरिए होते हैं और हम उसका सम्मान करते हैं. लेकिन मेरी राय में, एक कलाकार का काम सिर्फ बेहतरीन अभिनय करना है. मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि दर्शक इस फिल्म को उसके सिनेमैटिक एक्सपीरियंस और मनोरंजन के लिए देखें, क्योंकि इसे बनाने के पीछे हमारी पूरी टीम की कड़ी मेहनत और कला के लिए डेडीकेशन है.
'हक' में इमरान हाशमी के साथ वर्क एक्सपीरियंस कैसा रहा?
इमरान सर बहुत ही सहज और प्रोफेशनल एक्टर हैं. उनके साथ काम करते समय कभी दबाव महसूस नहीं हुआ. वो अपने को-एक्टर को बहुत स्पेस देते हैं.
अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में बताए?
आने वाले समय में मैं 'खोसला का घोसला 2' में नजर आऊंगा. इसके अलावा दो वेब सीरीज भी पाइपलाइन में हैं. अभी कुछ और भी दिलचस्प स्क्रिप्ट्स पर बात चल रही है.