बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और तलाक की प्रक्रिया को लेकर कई हैरान करने वाले और बेहद इमोशनल खुलासे किए हैं. हाल ही में 'इंडिया टुडे' को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में 44 वर्षीय सेलिना ने बताया कि कैसे उनकी शादी की 15वीं सालगिरह से ठीक पहले ऑस्ट्रिया में उन्हें पति की तरफ से तलाक का नोटिस थमाया गया था.
सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह थी कि जर्मन भाषा में लिखे इस कानूनी दस्तावेज को खुद उनके जुड़वां बेटों ने उन्हें पढ़कर सुनाया था, क्योंकि वह उस वक्त खुद उसका अनुवाद करने की स्थिति में नहीं थीं. सेलिना ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह लेटर म्युनिसिपैलिटी का कोई सामान्य कागज है, लेकिन जब सच सामने आया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
एक्ट्रेस ने सुनाया अपना दर्द
उन्होंने बताया कि शादी की सालगिरह के तोहफे के बहाने दिए गए उस नोटिस में उन पर आरोप लगाए गए थे और कहा गया था कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है. जेटली ने अलग होने की प्रक्रिया, बच्चों की कस्टडी, अपनी आर्थिक मुश्किलों और बाद में भारत लौटने के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि भारत लौटने पर उन्होंने दोस्तों के एक छोटे से ग्रुप की मदद से अपनी जिंदगी को फिर से संवारने की कोशिश की.
इंडिया टुडे के गौरव सावंत से बात करते हुए जेटली ने बताया कि उनके पति ने उन्हें उस पहाड़ी के नीचे छोड़ा था, जहां उनका घर था. जब वह ऊपर पहुंचीं, तो उनके बड़े जुड़वां बेटे घर पर अपना होमवर्क कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वह खुद उस लेटर का अनुवाद करने में समय नहीं बिताना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने बेटों से उसे पढ़कर सुनाने के लिए कहा. उन्होंने कहा, 'मेरे जुड़वां बेटों को वह भयानक तलाक का नोटिस पढ़ना पड़ा.'
अलग होना और कस्टडी
पहली सुनवाई के बाद के समय को याद करते हुए जेटली ने बताया कि जज ने कपल से नवंबर तक आपसी सहमति से अलग होने की कोशिश करने को कहा था. उन्होंने कहा कि उस समय उनके बैंक अकाउंट में बहुत कम पैसे थे और उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी बुरे सपने से गुजर रही हों. हालाँकि, उन्हें कुछ राहत भी महसूस हो रही थी क्योंकि उनके शब्दों में, वह किसी न किसी स्तर पर एक ऐसी शादी में थीं जहां उनके साथ बुरा बर्ताव होता था.
उन्होंने कहा कि बच्चों के भले के लिए वह आपसी सहमति से अलग होने को तैयार हो गईं. उन्होंने तुरंत अपने पति के वकीलों को एक रिक्वेस्ट भेजी कि उन्हें अपनी संपत्ति और निवेश किए गए पैसे वापस चाहिए, साथ ही बच्चों की जॉइंट कस्टडी भी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दोनों पक्ष दोस्त बने रह सकते हैं.
इसके बाद क्या हुआ?
जेटली ने उस दौर का भी जिक्र किया जिसे उन्होंने कंट्रोल और अकेलेपन का दौर बताया. उनके मुताबिक, उनके पति घर की सबसे ऊपरी मंजिल पर रहते थे, जबकि वह बच्चों के साथ बीच वाली मंजिल पर रहती थीं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ समय तक वहीं रहने की गुजारिश की थी, ताकि वे दोबारा काम शुरू कर सकें और बच्चों के लिए सबसे अच्छा फैसला लेने से पहले खुद को संभाल सकें.
उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें यह मैसेज मिला कि अगर आप बच्चों से मिलना चाहती हैं, तो आपको यहीं नौकरी ढूंढनी होगी. उन्हें यह भी कहा गया था, 'मैं तुम्हें सुपरमार्केट में सफाई करने की नौकरी दिला दूंगा.' जेटली ने कहा कि वह किसी भी काम को छोटा नहीं समझतीं, लेकिन लोगों को अपनी काबिलियत के हिसाब से काम करना चाहिए.
ऑस्ट्रिया से भारत भागने की कहानी
जेटली के मुताबिक, हालात तब और बिगड़ गए जब उन्हें पता चला कि भारत में उनकी संपत्ति को ठिकाने लगाने की कोशिशें हो रही थीं. इस डर से कि कहीं वह पूरी तरह कंगाल न हो जाएं, उन्होंने बताया कि वह पड़ोसियों की मदद से आधी रात को ऑस्ट्रिया से वापस आ गईं. बातचीत के दौरान उन्होंने बिना घर के भारत लौटने, 10 दिन तक होटल में रहने और अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश में कुछ दोस्तों (जिनमें एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी शामिल थीं) पर निर्भर रहने के बारे में भी बात की.
परिवार और कानूनी मामला
जेटली ने 2010 में ऑस्ट्रियाई बिजनेसमैन पीटर हाग से शादी की थी. इस जोड़े के जुड़वां बेटे हैं - विंस्टन और विराज (जन्म 2012) - और एक और बेटा है, आर्थर (जन्म 2017). वह पहले भी दिल की बीमारी के कारण अपने बेटे शमशेर को खोने के बारे में बात कर चुकी हैं.
नवंबर 2025 में, जेटली ने घरेलू हिंसा और क्रूरता का आरोप लगाते हुए मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने आर्थिक मुआवजे की मांग की और दावा किया कि शादी के कुछ समय बाद ही उनके साथ बुरा बर्ताव शुरू हो गया था.