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पाकिस्तान में 100 से ज्यादा दवाओं की भारी किल्लत, कैंसर-दिल की बीमारी के मरीजों का बुरा हाल

पाकिस्तान में 105 महत्वपूर्ण दवाओं की कीमतें न बढ़ाए जाने के कारण दवा निर्माताओं ने उत्पादन कम या बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस स्थिति का फायदा उठाकर नकली और घटिया दवाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है.

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पाकिस्तान में लाइफ सेविंग दवाओं की किल्लत. (सांकेतिक फोटो)
पाकिस्तान में लाइफ सेविंग दवाओं की किल्लत. (सांकेतिक फोटो)

पाकिस्तान का हेल्थ सेक्टर इस वक्त दवाओं की भारी किल्लत से जूझ रहा है. कैंसर और ह्ऋदय (दिल की बीमारी) जैसी गंभीर बीमारियों की 105 जरूरी दवाओं की कीमतें न बढ़ाए जाने के कारण दवा निर्माताओं ने उत्पादन बंद या कम कर दिया है. इसके चलते मरीजों की बेबसी का फायदा उठाकर बाजार में नकली और घटिया उत्पाद बेचने वाले अवैध सप्लायर्स का नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो गया है.

पाकिस्तान में जारी इस स्वास्थ्य संकट की मुख्य वजह में दवाओं की कीमतों के निर्धारण में हो रही अत्यधिक देरी है. बताया जा रहा है कि ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान (DRAP) की ड्रग प्राइसिंग कमेटी ने फरवरी 2024 में 105 हार्डशिप-कैटेगरी की दवाओं की कीमत में संशोधन की फाइल सरकार को भेजी थी जो लंबित पड़ी है, लेकिन संघीय कैबिनेट अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई है. DRAP का कहना है कि बाहर से आने वाला कच्चा माल, पैकेजिंग, लेबर, ट्रंसपोटेशन और मुद्रा अवमूल्यन (करेंसी की कीमत घटने) की बढ़ती लागत के कारण मौजूदा कीमत पर कई दवाओं का उत्पादन अब घाटे का सौदा बन गया है जो कि व्यावसायिक रूप से बिल्कुल भी सही नहीं हैं.

PCDA ने जताई चिंता

पाकिस्तान केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (PCDA) के अब्दुल समद बुड्डानी ने चेतावनी दी है कि प्रामाणिक दवाओं की लंबे वक्त तक रहने वाली कमी ने जालसाजों के लिए रास्ता खोल दिया है. बाजार से कुल 105 दवाएं या तो पूरी तरह गायब हैं या उनकी बेहद गंभीर किल्लत है. इन दवाओं में कैंसर के गंभीर दर्द के लिए इस्तेमाल होने वाले 10mg और 30mg स्ट्रेंथ के ओरल मॉर्फिन कैप्सूल, हार्ट अटैक के लिए स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन, कीमोथेरेपी की दवाएं (जैसे सिसप्लेटिन, कार्बोप्लेटिन, डॉक्सोरूबिसिन), बच्चों के लिए डिगॉक्सिन लिक्विड, पिलोकार्पिन आई ड्रॉप्स, येलो फीवर वैक्सीन और फोलिक एसिड टैबलेट और कई इम्मयूनोग्लोबुलिन प्रोडक्ट शामिल हैं.

खतरे में है फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन की विश्वसनीयता

बाजार में असली दवाओं की अनुपलब्धता के कारण फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जब प्रामाणिक दवाएं बाजार से गायब हो जाती हैं तो हताश और बेबस होकर मरीज अक्सर अविश्वसनीय और अवैध स्रोतों की ओर रुख करने को मजबूर हो जाते हैं. अब्दुल समद बुड्डानी के अनुसार, इससे विशेष रूप से महंगी कैंसर दवाओं और अन्य जीवन रक्षक दवाओं की कैटेगरी में नकली, घटिया दवाओं के मुख्य सप्लाई चेन में एंट्री करने का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ गया है.

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घाटे में प्रोडक्शन जारी रखना असंभव

पाकिस्तान फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PPMA) के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि लगातार आने वाली सरकारों ने स्पष्ट सिफारिशों के बावजूद हार्डशिप-कैटेगरी की दवाओं पर फैसले को टाला है, जिससे निर्माताओं को निशाना हुई है. यदि निर्माता दवा बनाने की बुनियादी लागत भी वसूल नहीं कर पाएंगे तो उत्पादन जारी रखना नामुमकिन है. दवा निर्माताओं ने दावा किया है कि मौजूदा मूल्य संरचना उनके लिए वित्तीय रूप से टिकाऊ नहीं है और उन्होंने आपूर्ति बहाल करने के लिए सरकार से जल्द फैसले की मांग की है.

हमने किया अपना काम: DRAP

नियामक प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ये मामला फरवरी 2024 से लंबित है. डीआरएपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. ओबैदुल्लाह मलिक ने एक सवाल के संक्षिप्त जवाब में स्पष्ट किया कि नियामक प्राधिकरण ने आवेदनों को प्रोसेस करके और अपनी सिफारिशें सरकार को भेजकर अपना काम से पूरा कर दिया है. अब इस मामले पर अंतिम फैसला लेने की पूरी जिम्मेदारी संघीय कैबिनेट की है, जिसे व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत फैसला करना होगा.

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