बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. उनके पास एक नहीं, बल्कि कई घर हैं. अब आपको अमिताभ के जुहू स्थित बंगले जलसा के नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी बताते हैं.
ये कहानी उस बंगले से जुड़ी है जिसे उन्होंने कभी बेचा था, फिर ज्यादा दाम पर खरीद लिया और आखिरकार उसका नाम बदल दिया. लेकिन कहानी में एक और मोड़ भी है. जब मनसा कई साल पहले जलसा बन गया, तो बच्चन परिवार के पीछे वाले दूसरे बंगले का नाम भी मनसा रख दिया गया.
मनसा की कहानी 1982 से शुरू होती है, जब अमिताभ बच्चन ने 'सत्ते पे सत्ता' फिल्म में काम किया था. फिल्म एन. सी. सिप्पी ने बनाई थी और उनके छोटे बेटे राज सिप्पी ने इसका निर्देशन किया था. निर्माता रोमू सिप्पी के मुताबिक, एन. सी. सिप्पी ने अमिताभ बच्चन को जुहू में करीब 10,000 वर्ग फुट का एक बंगला दिया था, जो उनकी फिल्म की फीस के बदले दिया गया था.
राज के भाई रोमू ने 1980 के दशक में ये किस्सा शेयर किया था. उस समय ये बंगला मनसा के नाम से जाना जाता था और बाद में यही वो संपत्ति बनी जिसे आज दर्शक और फैंस जलसा के नाम से पहचानते हैं.
अमिताभ बच्चन ने आगे चलकर यह बंगला बेच दिया था. फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में उन्होंने मनसा बेचने की बात कही थी और बाद में सोशल मीडिया पर भी इसकी पुष्टि की थी. लेकिन जया बच्चन ने उनसे इसे दोबारा खरीदने को कहा, जिसके बाद यह संपत्ति फिर उनके पास आ गई.
फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में महानायक ने कहा कि वही बंगला बाजार भाव से काफी ज्यादा दाम पर दोबारा खरीदा. इसके बाद दोनों ने इसका नाम जलसा रख दिया और बच्चन परिवार ने आगे चलकर इस संपत्ति का रेनोवेशन भी कराया.
आज जलसा भारत के सबसे पहचाने जाने वाले सेलिब्रिटी घरों में से एक है और टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है. ये घर अमिताभ बच्चन की रविवार की परंपरा के लिए भी मशहूर है, जब वो गेट के बाहर जमा हुए फैंस से मिलते हैं. करीब शाम 5 बजे दुनियाभर से आए लोग हफ्तेभर उनकी झलक पाने का इंतजार करते हैं.
यही नहीं, बच्चन परिवार JVPD (जुहू-विले पार्ले डेवलपमेंट) स्कीम में अपनी बढ़ती संपत्तियों की सूची में लगातार नए घर जोड़ते रहा. जलसा के बाद आया जनक. यह बंगला उनके घरों से सिर्फ एक सड़क पीछे है. यहां बच्चन परिवार अपने काम के सिलसिले में आते-जाते रहते हैं. मेहमानों को भी यहीं बुलाया जाता है.
जलसा के बिल्कुल पास अम्मू है, ये भी बच्चन परिवार का घर है. इस इमारत की जमीन पर एक बैंक को किराए पर दिया गया है, जबकि पहली मंजिल पर रहने की जगह है.
जलसा के पीछे एक और बंगला है, जिसे बच्चन परिवार ने साल 2000 में खरीदा था. ये संपत्ति उन्हें पूरी सुरक्षा देती है. परिवार इसके लॉन का इस्तेमाल निजी पार्टियों और एंटरटेनमेंट के लिए करता है.