बिहार में आरजेडी के चुनाव प्रचार में टमटम के खिलाफ PETA की चिट्ठी पर पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद ने जमकर अपनी भड़ास निकाली है. लालू प्रसाद ने ट्विटर पर लिखा है कि PETA पहले यह बताए कि लालू यादव के चुनाव प्रचार के साथ ही टमटम में घोड़ों का प्रयोग शुरू हुआ या सदियों से होता आ रहा है? और तब पेटा कहां थी.
लालू प्रसाद ने पशुओं के लिए काम करने वाली संस्था पेटा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वह अपने प्रचार से नहीं निकाल सकते. लालू ने कहा, 'कौन है ये पेटा? अब हम 50,000 टमटम निकालेंगे.'
Nahi nikaal sakte hain (Tamtam)? Kaun hai ye (PETA), ab hum 50,000 (Tamtam) nikaalenge: Lalu Prasad Yadav
— ANI (@ANI_news)
ट्विटर पर लालू ने पेटा से पूछा है कि रेसकोर्स में जब अमीरों के शर्तों पर घोड़े दौड़ते हैं तो PETA के पेट में दर्द क्यों नहीं होता?
रेसकोर्स में अमीरों के शर्तों पर घोड़े दौड़ते हैं तो PETA के पेट में दर्द नहीं होता, तब तो घोड़ों का कल्याण होता है ना !
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
PETA यह बताए कि लालू यादव के चुनाव प्रचार के साथ ही टमटम में घोड़ों का प्रयोग शुरू हुआ या सदियों से होता आ रहा है ? तब PETA कहाँ थी?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
गरीबों का पेट भरने टमटम में घोड़े दौड़ रहे हैं तो PETA के पेट में मरोड़ आने लगा ! गाड़ियों के दौर में भी लोग पेट भरने को घोडों पर निर्भर हैं
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
टमटम मालिकों का अपने घोड़ों के संग परिवार सा जुडाव होता है, इन घोड़ों को रेस के घोडों की तरह बूढा होने पर गोली नहीं मार दिया जाता!
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
क्या लिखा है पेटा ने चिट्ठी में