बीजेपी जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने 31 विधायकों के साथ सबसे बड़े गठबंधन होने का दावा किया है. वह मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी ठोक रही है. पार्टी का एक खेमा नेशनल कॉन्फ्रेंस को साथ लेने के पक्ष में है.
दरअसल, ये सारी खबरें बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद सामने आई. सूत्रों ने जानकारी दी कि सज्जाद लोन की पार्टी के 2 विधायक व निर्दलीय बीजेपी को समर्थन दे रहे हैं. ऐसे में पार्टी को 31 विधायकों का समर्थन है और सबसे बड़े गठबंधन होने के नाते सीएम पद पर उसकी दावेदारी बनती है.
पार्टी का एक खेमा गठबंधन के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ हाथ मिलाने के पक्ष में है. खबर है कि NC के साथ पर्दे के पीछे बातचीत भी शुरू हो गई है. हालांकि अभी तक कुछ सकारात्मक परिणाम नहीं निकले हैं. इन सबके बीच बीजेपी, पीडीपी से भी बातचीत के रास्ते बंद नहीं करना चाहती है. पार्टी पीडीपी के समर्थन से भी सरकार बनाने के विकल्प पर विचार कर रही है.
जम्मू-कश्मीर के लिए बीजेपी ने अरुण जेटली और अरुण सिंह को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है. इसकी जानकारी जेपी नड्डा ने दी.
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर की जनता ने किसी को राज करने का जनादेश नहीं दिया है. पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जरूर लेकिन बहुमत नहीं मिला. मोदी मैजिक भी 25 सीटों पर सिमट गया. नेशनल कॉन्फ्रेंस को 15 और कांग्रेस 12 सीटें मिलीं.
अब हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि जम्मू कश्मीर में किस गठबंधन की सरकार बनेगी? हर दल की जुबान पर बस यही है कि सारे विकल्प खुले हुए हैं.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार दोपहर को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा. इस्तीफा देने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह अपने पिता फारुक अब्दुल्ला और मां मोली अब्दुल्ला से मिलने वह लंदन जाएंगे.