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अमित शाह की चेतावनी, बहुत हुआ अब हवा में न उड़ें नेता, 7 दिन में 250 रैलियों का आदेश

आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दिल्ली में सात दिनों में 250 रैलियां यानी रोजाना औसतन 36 रैलियां करने वाली है. इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल से रोजाना 5 सवाल भी पूछे जाएंगे.

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Amit Shah
Amit Shah

आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दिल्ली में सात दिनों में 250 रैलियां यानी रोजाना औसतन 36 रैलियां करने वाली है. इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल से रोजाना 5 सवाल भी पूछे जाएंगे. बीजेपी दफ्तर पर अमित शाह की अध्यक्षता वाली पार्टी की बैठक के बाद बीजेपी ने युद्ध स्तर पर दिल्ली चुनाव में उतरने का मन बना लिया है. पार्टी ने रिकॉर्डतोड़ जीत और दो तिहाई बहुमत (कम से कम 46 सीटें) हासिल करने का लक्ष्य रखा है.

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि पार्टी अब हर विधानसभा में हजार से ज्यादा बैनर लगाएगी. साथ ही चुनाव प्रचार के लिए 120 सांसद और 13 राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं को भी दिल्ली बुलाया गया है. इसके अलावा पार्टी के 'स्टार प्रचारक' भी जगह-जगह चुनावी सभाएं करेंगे. पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र नहीं जारी करेगी. इसकी जगह विजन डॉक्युमेंट जारी किया जाएगा.

सूत्र बता रहे हैं कि बैठक में अमित शाह ने नेताओं से कहा कि वह जमीन पर आ जाएं और हवा में न उड़ें. उन्होंने प्रचार सामग्री के वितरण को लेकर भी नेताओं को फटकार लगाई और पूछा कि आपका जोश अब कहां गया.

अब शीर्ष रणनीतिकारों अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पार्टी की रणनीति को अपने हाथ में ले लिया है. गुरुवार को अमित शाह ने दिल्ली बीजेपी दफ्तर पर 11:30 बजे चुनाव प्रबंधन समिति और कोर ग्रुप की बैठक बुलाई. बैठक में रामलाल, अनंत कुमार, जेपी नड्डा, सतीश उपाध्याय और निर्मला सीतारमण जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इसके अलावा दिल्ली के सातों सांसद और प्रदेश इकाई के नेता भी बैठक में मौजूद थे.

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इसके अलावा अमित शाह ने प्रचार कर रहे केंद्र के नेताओं और दिल्ली इकाई के कार्यकर्ताओं से सीधे उन्हें रिपोर्ट करने को कहा है. आम बजट की तैयारी में व्यस्त होने के बावजूद अरुण जेटली भी चुनाव की रणनीति पर रोजाना दो घंटे खर्च करने वाले हैं. अंग्रेजी अखबार 'द इकोनॉमिक टाइम्स' ने यह खबर दी है.

 

अशोका रोड से हो रहा सारा काम!
'हैवीवेट' तैयारी की यह खबर एबीपी-नील्सन के आई है, जिसके मुताबिक आम आदमी पार्टी को 50 फीसदी और बीजेपी को 41 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. इस वक्त बीजेपी का असल वॉर रूम पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश दफ्तर नहीं, बल्कि उसका अशोका रोड का केंद्रीय दफ्तर हो गया है. यहां से ही चुनावी जीतों के वास्तुकार अमित शाह अपनी पसंदीदा टीम के साथ चुनावी रणनीति पर माथापच्ची कर रहे हैं.

शाह ने संघ के भरोसेमंद लोगों को लेकर बनाई टीम
शाह की टीम में अपने पुराने और भरोसेमंद साथियों को बुलाया है. इनमें से कई दिल्ली के बाहर के हैं और लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश और झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर काम कर चुके हैं. अंग्रेजी अखबार के मुताबिक इनमें विष्णु दत्त शर्मा, राकेश जैन, राघवेंद्र, रघुनाथ कुलकर्णी, शेर सिंह और महेंद्र पांडे शामिल हैं. ये सभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं और अलग-अलग बीजेपी इकाइयों से जुड़े हैं.

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70 सीटें, 70 RSS प्रचारक!
इन लोगों को दिल्ली के अलग-अलग जिलों का चुनावी कामकाज सौंपा गया है. एक बीजेपी नेता ने बताया, 'अमितभाई ने जमीनी स्तर पर काडर और बूथ-स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़े संघ के लोगों और दूसरे प्रदेशों के लोगों पर भरोसा जताया है. इसमें दिल्ली के नेताओं का न के बराबर रोल है.'

अमित शाह रोज सुबह अशोका रोड दफ्तर में अपनी टीम के साथ बैठक करते हैं. एक अन्य नेता ने बताया, 'इसके अलावा करीब 70 पूर्णकालिक संघ प्रचारकों को हर विधानसभा के काम पर बारीक नजर रखने को कहा गया है. वे लोग अमित शाह को रिपोर्ट करते हैं, पार्टी की प्रदेश इकाई को नहीं.'

अकाली दल भी जोर-शोर से जुटा
केंद्रीय मंत्रियों की टीम और बीजेपी सांसदों की फौज तो प्रचार के काम में जुटी ही है, अब बीजेपी की पुरानी सहयोगी अकाली दल भी दंगल में उतर गई है. अपने कोटे की चारों सीटें जीतने के लिए पंजाब के अकाली नेताओं व कार्यकर्ता जोर-शोर से जुट गए हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल खुद यहां कैंप कर चुनाव प्रचार अभियान पर निगरानी रख रहे हैं. उन्होंने अपने सभी मंत्रियों व नेताओं को लाल बत्ती वाली गाड़ी और गनमैन लेकर चुनाव प्रचार में नहीं जाने की हिदायत दी है

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