पश्चिम बंगाल में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में भगदड़ हो गई. हालांकि, स्थिति जल्द ही काबू कर ली गई. इस कारण पीएम मोदी को अपना भाषण बीच में ही बंद करना पड़ा. धक्कामुक्की की चपेट में आने से कई लोग घायल हैं. स्थानीय पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी को बताया कि इस दौरान कई महिलाएं और बच्चे घायल है.
बता दें, नॉर्थ 24 परगना के ठाकुरनगर में जब मोदी मटुआ समुदाय की रैली को संबोधित कर रहे थे, तब आयोजन स्थल के बाहर खड़े उनके सैकड़ों समर्थकों ने रैली ग्राउंड के अंदरुनी हिस्से में आने की कोशिश की. इसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी. मोदी ने उन लोगों से अपनी ही जगह पर बने रहने और आगे आने की कोशिश नहीं न करने की अपील भी की, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं पड़ा. समर्थक मंच के सामने खाली जगह में कुर्सियां फेंकने लगे ताकि अंदरुनी हिस्से में जगह बन पाए जबकि यह जगह महिला समर्थकों के लिए निर्धारित थी.
PM Modi in Durgapur,West Bengal: There was a lot of enthusiasm during my rally in Thakurnagar, and I think the ground was filled twice its capacity,I would like to apologise for the discomfort the people went through; Visuals of those injured during the rally (Pic 2&3)
— ANI (@ANI)
आपके प्यार से दीदी घबरा गई हैं
ठाकुरनगर रैली में मोदी ने कहा कि अब मैं समझ सकता हूं कि क्यों दीदी (ममता बनर्जी) और उनकी पार्टी हिंसा, निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल है. वह हमारे लिए आपके प्यार से घबरा गई हैं. उन्होंने कहा कि जुल्म और अत्याचार के बाद लोगों को अपने देशों अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश को छोड़कर भारत आना पड़ा. ऐसे लोगों हिंदुस्तान में रहने का अधिकार मिलना चाहिए. इसलिए हम नागरिकता का कानून लाए है. टीएमसी से कहता हूं कि संसद में नागरिकता कानून का समर्थन कीजिए.
जो लोग 4 साल पहले तक एक दूसरे का मुँह नहीं देखते थे वो कोलकाता में चौकीदार को हटाने के लिए शपथ ले रहें थे।
घोटालों और धोखाधड़ी में लिप्त इन लोगों को चौकीदार पसंद नहीं है : पीएम मोदी
— BJP (@BJP4India)
मिदनापुर में गिर गया था मंच
हो-हल्ला के बाद मोदी ने अचानक यह कहते हुए अपना भाषण बंद कर दिया कि उन्हें दूसरी रैली में जाना है. पुलिस अधिकारी के अनुसार भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान कई महिलाएं और बच्चे बेहोश हो गए. उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. इससे पहले पश्चिम मिदनापुर जिले में पिछले साल की 16 जुलाई को मोदी की रैली का मंच गिर गया था और कई लोग घायल हो गये थे.