दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो चुके हैं. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी ने इन चुनावों में पूरा जोर लगा दिया है, लेकिन नतीजों से पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का एक नया बयान आया है. उन्होंने कहा कि आखिरी समय में मुस्लिम वोट कांग्रेस को शिफ्ट कर गया.
इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में जब केजरीवाल से दिल्ली की सातों सीटों के नतीजों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देखते हैं क्या होता है. वास्तव में, चुनाव के 48 घंटे पहले तक सातों सीट लग रहा था आम आदमी पार्टी को आएंगी. आखिरी समय में पूरा मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो गया. चुनाव से एक रात पहले. हम पता लगा रहे थे कि हुआ क्या है. पूरा का पूरा मुस्लिम वोट जो है वो कांग्रेस को शिफ्ट हो गया.
अरविंद केजरीवाल के इस बयान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की भी प्रतिक्रिया आई है. शीला दीक्षित ने कहा कि पता नहीं वह क्या कहना चाह रहे हैं. जिस किसी को भी वह वोट देना चाहते हैं, उन्हें वोट देने का अधिकार है. दिल्ली के लोग केजरीवाल के शासन मॉडल को न तो समझते थे और न ही पसंद करते थे.
Sheila Dikshit on Delhi CM's reported remark 'Muslim votes shifted to Congress in Delhi at last moment': Don't know what is he trying to say. Everyone has a right to vote whichever party he/she wants to vote. People of Delhi did not understand nor liked his governance model
— ANI (@ANI)
अरविंद केजरीवाल के इस बयान कुमार विश्वास ने कहा कि यानी इस बार EVM की जगह मुस्लिम... इससे पहले चुनावों में हार के बाद आम आदमी पार्टी ईवीएम का मुद्दा उठाती रही है. आप नेता सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा में बताया था कि कैसे ईवीएम हैक की जाती है.
यानि इस बार EVM की जगह “मुस्लिम” ? 😳😳
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas)
दिल्ली में वोटिंग के दो दिन बाद आम आदमी पार्टी के नेता राजेंद्र पाल गौतम ने लोकसभा चुनाव में कन्फ्यूज होने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी को जीत मिलने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मुस्लिम वोटर ने कन्फ्यूजन में वोट डाला, जिसके चलते कुछ वोट कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हुआ.
गौरतलब है कि दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर रविवार 12 मई को छठवें चरण में वोट डाले गए थे और कुल मतदान 60.52 फीसदी रिकॉर्ड किया गया था. दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से उत्तरी-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई थी. यहां पर 63.39 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.