मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब उत्तर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के सरस्वती कुंज में RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने बैठक में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा की.
जानकारी के अनुसार, दोनों उपमुख्यमंत्री मोहन भागवत से मिलने के लिए एक साथ पहुंचे थे, लेकिन दोनों नेताओं ने अलग-अलग समय पर संघ प्रमुख से व्यक्तिगत संवाद किया. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने करीब 15-15 मिनट की मुलाकात की.
बताया जा रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य पहले पहुंचे हैं, जबकि ब्रजेश पाठक उनके बाद संघ प्रमुख से मुलाकात की. इन मुलाकातों का सिलसिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कल हुई बैठक के ठीक बाद शुरू हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक तालमेल पर गहन मंथन चल रहा है.
सीएम योगी भी की थी मुलाकात
कल यानी बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहन भागवत से मुलाकात की थी. ये बैठक लगभग 30-40 मिनट चली, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. आरएसएस प्रमुख के लखनऊ दौरे पर हैं जो उनके 'प्रवास' कार्यक्रम का हिस्सा है. ये दौरा संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से इन मुलाकातों को काफी अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री के बाद अब दोनों डिप्टी सीएम का संघ प्रमुख के पास पहुंचना ये दर्शाता है कि संगठन के साथ संवाद की प्रक्रिया काफी सक्रिय है. 2027 चुनाव के पहले संघ संगठन और सरकार की तैयारी पर भी ये बातचीत हुई है ऐसा माना जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि संघ प्रमुख ने इस बैठक में यूजीसी बिल, शंकराचार्य मुक्तेश्वरआनंद विवाद और मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण मामले के बाद बीजेपी और सरकार के खिलाफ बने माहौल पर समेत कई मुद्दों पर फीडबैक लिया है.
इसके अलावा आने वाले महीनों में आप बीजेपी और सरकार में होने वाले बदलाव पर भी चर्चा का संकेत मिल रहा है. माना जा रहा है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन की नई टीम पर भी चर्चा हुई है.
101 बटुकों को किया सम्मानित
वहीं, संघ प्रमुख से मुलाकात करने से पहले ब्रजेश पाठक ने गुरुवार सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया.
आपको बता दें कि प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. साथ ही विपक्षी दल भी इसको लेकर हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए.