तमिलनाडु में सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा के बीच कांग्रेस ने सहयोगी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) से 45 विधानसभा सीटों की मांग की है. यह मांग 2021 चुनाव नतीजों की समीक्षा के आधार पर की गई है.
पिछली बार 173 सीटों पर लड़ी थी कांग्रेस
यह मुद्दा उस अहम बैठक के बाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता टी एस सिंह देव ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन से मुलाकात की. गौरतलब है कि 2021 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
कांग्रेस का तर्क है कि पिछली बार डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें 133 जीतीं और 40 सीटें हार गईं. इन हारों में ज्यादातर सीटें अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और भारतीय जनता पार्टी के खाते में गईं.
20 सीटों पर मजबूत पकड़ का दावा
पार्टी का मानना है कि इन हारी हुई सीटों में से कम से कम 20 सीटें ऐसी हैं जहां उसका स्थानीय आधार मजबूत है और वह बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक 45 सीटों की मांग का उद्देश्य गठबंधन को मजबूत करना, जीत की संभावना बढ़ाना और 2026 चुनाव से पहले संतुलित सीट बंटवारा सुनिश्चित करना है.
बैठक के बाद के सी वेणुगोपाल ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि अब डीएमके के जवाब का इंतजार है. सूत्रों के अनुसार आगे की बातचीत तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडणकर और डीएमके सांसद कनिमोझी के बीच जारी है, ताकि गठबंधन पर सहमति बनाई जा सके.