पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान को लेकर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी कोलकाता में महज 10 किलोमीटर के दायरे में दो-दो रोड शो किए. मैंने हावड़ा में हुए रोडशो को कवर किया था. इसके बाद कोलकाता में होने वाले इस बड़े रोडशो की बारी थी.
रविवार की शाम करीब 5:30 बजे रोडशो शुरू होना था. पिछली बार 23 अप्रैल को हुए रोडशो को कवर करने में मुझे देर हो गई थी और करीब 4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था. इस बार हमारे ड्राइवर ने पहले ही आगाह कर दिया, इसलिए हम दोपहर 3 बजे ही खन्ना सर्कल पहुंच गए. वहां बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई, लेकिन हम समय रहते अंदर पहुंच गए.
भीड़ के बीच एक कोने में कैमरा सेट कर लिया. कैमरा सेट करना आसान नहीं था. चारों तरफ भारी भीड़, बैरिकेड्स और संकरी जगहों से होते हुए आगे बढ़ना था. लाखों की भीड़ प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ी हुई थी. मेरे हाथ में 'आज तक' का माइक था और मेरे सहयोगी जगन्नाथ के हाथ में कैमरा. भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ना चुनौती थी.
इसके साथ ही अपने उपकरणों को सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो रहा था. इसी दौरान महिलाओं का एक बड़ा समूह 'मोदी-मोदी' के नारे लगाते हुए सामने से आया. धक्का-मुक्की के बीच अनजाने में एक महिला को माइक का कोना लग गया, जिसके लिए मैंने तुरंत हाथ जोड़कर माफी मांग ली. इसके बाद आगे बढ़ गया. आखिरकार एक सही जगह मिल गई.

वहां हमने कैमरा सेट किया और प्रधानमंत्री के आने का इंतजार करने लगे. करीब 5:30 बजे पीएम मोदी ने प्रसिद्ध थंथनिया कालीबाड़ी मंदिर में दर्शन के बाद रोडशो शुरू किया. जैसे ही रोडशो आगे बढ़ा, ऐसा लगा मानो पूरा शहर उमड़ पड़ा हो. हर तरफ 'मोदी-मोदी' के नारे गूंज रहे थे. बीजेपी का चुनावी गीत 'पलटनो दरकार, चाही बीजेपी सरकार' बज रहा था.
सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि घरों की छतों पर भी भारी संख्या में लोग खड़े थे, जो प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित थे. इसी दौरान मुझे दफ्तर से लाइव जाने का कॉल आया. लाइव के दौरान मैंने न सिर्फ रोडशो का माहौल दिखाया, बल्कि वहां मौजूद लोगों से भी बातचीत की. दीपक नाम के एक युवक ने कहा, ''इस बार 100 प्रतिशत बीजेपी सरकार आएगी. 15 साल में टीएमसी सरकार ने कुछ नहीं किया. न नौकरी मिली, न शिक्षा, लोग क्यों वोट देंगे?'' वहीं शरद बजाज ने कहा कि वे आधे घंटे से प्रधानमंत्री मोदी के एक झलक को पाने का इंतजार कर रहे हैं.
मैंने जब उनसे पूछा कि पीएम से क्या कहेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, ''बस वो आ जाएं और पूरे बंगाल में आ जाएं.'' दीपिका ने बताया कि वो घर का सारा काम निपटाकर सिर्फ प्रधानमंत्री देखने के लिए यहां आई हैं. वहीं 80 साल की देवाश्री ने कहा, ''मोदी एक वर्ल्ड लीडर हैं, उन्हें देखने के लिए मैं काफी देर से खड़ी हूं. उनके आते ही मौसम भी सुहावना हो गया.”
इसी बीच अचानक माहौल में हलचल तेज हो गई. सुरक्षा बलों ने लोगों को बैरिकेड्स के पीछे रहने की चेतावनी दी. भीड़ में उत्सुकता चरम पर पहुंच गई और नारेबाजी तेज हो गई. कुछ लोग आगे आने की कोशिश में धक्का-मुक्की भी करने लगे. करीब 10 मिनट बाद प्रधानमंत्री वहां पहुंचे. पूरा माहौल मोदीमय हो गया. लोग जोर-जोर से नारे लगाने लगे.
'मोदी-मोदी', 'जय श्री राम' के नारों के साथ कई महिलाएं 'मोदी आई लव यू' बोल रही थीं. प्रधानमंत्री हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए और उनके पीछे लंबा काफिला चलता रहा. करीब 20 मिनट बाद बैरिकेड्स हटने लगे और लोग धीरे-धीरे वहां से लौटने लगे. इसी दौरान नितिन नामक एक युवक से मेरी बात हुई.
उसने मुझसे कहा, ''यदि बीजेपी को जीतने के लिए एक वोट की जरूरत होगी, तो वह मेरा होगा.'' यह सुनकर मैं मुस्कुरा दिया. कुछ देर बाद हमारा ड्राइवर दीपक भी पहुंच गया और फिर हम कोलकाता के ट्रैफिक से जूझते हुए रात के खाने के लिए रवाना हो गए.