प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए बंगाली भाषा में लोगों का अभिवादन किया. उन्होंने मंच से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और पश्चिम बंगाल को हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी.
रैली की शुरुआत में पीएम मोदी ने रामायण के पात्रों की वेशभूषा में मंच पर मौजूद बच्चों की सराहना की. उन्होंने कहा कि हनुमान, सीता, राम और लक्ष्मण के रूप में बच्चों द्वारा रामायण के दृश्य जीवंत करना बेहद अद्भुत है और इसके लिए वे बच्चों को शुभकामनाएं देते हैं.
बंगाल सरकार को निशाने पर लेते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'बंगाल के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठ की है.आप देखिए, दुनिया के विकसित और समृद्ध देश हैं, जिन्हें पैसों की कोई कमी नहीं है, वे अपनी जगह से घुसपैठियों को निकाल रहे हैं.पश्चिम बंगाल से भी घुसपैठियों को बाहर निकालना बहुत जरूरी है.'
सुरक्षा को लेकर भावुक अपील
अपने भाषण से पहले प्रधानमंत्री ने अस्थायी स्टैंड्स पर चढ़े लोगों से नीचे उतरने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर किसी को चोट लगती है तो उन्हें गहरा दुख होगा. पीएम ने कहा कि वे भले दिखाई ना दें, लेकिन लोग उनकी आवाज और दिल की धड़कन जरूर महसूस कर सकते हैं. उन्होंने साफ कहा कि लोगों का प्यार उनके लिए अनमोल है, लेकिन लोगों की जिंदगी उससे भी ज्यादा कीमती है.
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. यह पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन है, जो हावड़ा-गुवाहाटी रूट पर यात्रा के समय को करीब 2.5 घंटे तक कम करेगी. इससे लंबी दूरी की यात्रा, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
पीएम ने कहा कि यह ट्रेन मां काली की धरती को मां कामाख्या की भूमि से जोड़ती है और आने वाले समय में इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा.
चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल को चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी समर्पित कीं.
- न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार-बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
- अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस
इन ट्रेनों से खासतौर पर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
3,250 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
करीब 1:45 बजे प्रधानमंत्री ने मालदा में 3,250 करोड़ रुपये से ज्यादा की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इनमें
- बलुरघाट-हिली नई रेल लाइन
- न्यू जलपाईगुड़ी में अगली पीढ़ी की फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा
- सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
- जलपाईगुड़ी में वंदे भारत मेंटेनेंस सुविधा का आधुनिकीकरण
इसके अलावा न्यू कूचबिहार-बमनहाट और न्यू कूचबिहार–बॉक्सिरहाट रेल सेक्शन के विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया.
'अब बंगाल में सुशासन की बारी'
पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा, त्रिपुरा, असम और बिहार में भाजपा-एनडीए की सरकार है और अब बंगाल में भी सुशासन की बारी है. उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत की राजनीति ने जकड़ कर रखा, लेकिन भाजपा ने इन राज्यों को उससे मुक्त किया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है.
भारतीय रेल और आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन रही है. भारत अब अमेरिका और यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव बना रहा है और कई देशों को पैसेंजर ट्रेन व मेट्रो कोच निर्यात कर रहा है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा और युवाओं को रोजगार मिल रहा है.
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरम है और SIR प्रक्रिया व ED रेड को लेकर TMC और BJP के बीच सियासी टकराव चल रहा है. पीएम ने एक दिन पहले सोशल मीडिया पर लिखा था कि बंगाल TMC के कुशासन से परेशान है और विकासोन्मुख भाजपा सरकार चाहता है.
18 जनवरी को प्रधानमंत्री हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे और वहां भी एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे.