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तमिलनाडु में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी DMK, इस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे स्टालिन

तमिलनाडु चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने 'महा-महा' गठबंधन का पूरा फॉर्मूला फाइनल कर लिया है. इसके तहत DMK 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को दी गई हैं. खुद स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से मैदान में उतरेंगे. खास बात यह है कि इस बार स्टालिन ने 18 महिलाओं और 60 नए चेहरों के साथ-साथ डॉक्टर, इंजीनियर और वकीलों जैसे पढ़े-लिखे उम्मीदवारों पर बड़ा दांव लगाया है.

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DMK ने फाइनल की 164 उम्मीदवारों की लिस्ट (File Photo)
DMK ने फाइनल की 164 उम्मीदवारों की लिस्ट (File Photo)

तमिलनाडु की सियासत में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी बड़ी चाल चल दी है. शनिवार को एक अहम घोषणा करते हुए स्टालिन ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी DMK इस बार 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ने जा रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री खुद अपनी पुरानी और भरोसेमंद सीट कोलाथुर से ही मैदान में उतरेंगे. उन्होंने अपनी टीम और गठबंधन का जो फॉर्मूला पेश किया है, उसे उन्होंने खुद 'महा-महा गठबंधन' का नाम दिया है.

स्टालिन ने अपनी इस चुनावी तैयारी को लेकर बड़े ही कूल अंदाज में बात की. उन्होंने विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि हम भले ही अपनी लिस्ट लाने में थोड़ा समय ले रहे थे, लेकिन हम लेटेस्ट आए हैं. उन्होंने बताया कि गठबंधन के साथियों के साथ बहुत ही धैर्य से बातचीत हुई और बिना किसी मनमुटाव के 70 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ दी गई हैं. इस बड़े गठबंधन में कांग्रेस को 28 सीटें मिली हैं, जबकि प्रेमलता विजयकांत की पार्टी DMDK के खाते में 10 सीटें गई हैं.

हकीकत में देखें तो यह सिर्फ सीटों का बंटवारा नहीं है, बल्कि स्टालिन इसे एक वैचारिक मेल बता रहे हैं. उनका मानना है कि यह गठबंधन केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक जैसी सोच वाले दलों को साथ लाने के लिए है. इस पूरी प्रक्रिया में स्टालिन ने यह भी साफ कर दिया कि विपक्ष चाहे जितने भी आरोप लगा ले, जनता उनके काम को देख रही है. मुख्यमंत्री खुद 30 मार्च से अपना धुआंधार प्रचार शुरू करने जा रहे हैं, वहीं उनके बेटे और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन 31 मार्च से मोर्चा संभालेंगे.

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डॉक्टर्स, इंजीनियर्स और 60 नए चेहरों पर दांव

DMK की इस 164 उम्मीदवारों वाली लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली और अच्छी बात यह है कि इसमें पढ़ाई-लिखाई को बहुत अहमियत दी गई है. पार्टी ने इस बार पुराने ढर्रे को छोड़ते हुए प्रोफेशनल्स पर भरोसा जताया है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस लिस्ट में 29 वकील, 17 इंजीनियर, 15 डॉक्टर और 7 पीएचडी होल्डर्स शामिल हैं. इतना ही नहीं, करीब 60 चेहरे ऐसे हैं जिन्हें पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिल रहा है. यानी स्टालिन एक नई और पढ़ी-लिखी फौज के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.

सीटों के समीकरण में भी कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन अपनी वर्तमान सीट चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी से ही फिर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मंत्री सेंथिल बालाजी की सीट बदल दी गई है. वह अब करूर की जगह कोयंबटूर साउथ से ताल ठोकेंगे. इसके अलावा, राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी ओ. पनीरसेल्वम (OPS) को बोडिनायकन्नूर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. महिलाओं की भागीदारी पर भी ध्यान दिया गया है और 18 महिला उम्मीदवारों को इस बार मौका मिला है.

गठबंधन के अन्य साथियों की बात करें तो VCK को 8, लेफ्ट (CPI और CPIM) को 5-5 और MDMK को 4 सीटें दी गई हैं. इसके अलावा IUML, MMK और SDPI जैसे छोटे दलों को भी इस 'महा-महा गठबंधन' में जगह दी गई है. स्टालिन का आत्मविश्वास इस बात से झलकता है कि उन्होंने युवाओं और महिलाओं के विंग में कोई भेदभाव नहीं किया है और सभी को बराबरी का मौका देने की कोशिश की है. अब देखना यह होगा कि स्टालिन का यह लेटेस्ट और पढ़ा-लिखा फॉर्मूला चुनाव के नतीजों में कितना कमाल दिखा पाता है.

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