पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने पहले चरण के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी ने 152 सीटों पर एक नई और आक्रामक रणनीति तैयार की है, जिसमें सिर्फ 7 दिनों में करीब 500 छोटी-बड़ी मीटिंग्स करने का प्लान बनाया गया है.
इन मीटिंग्स और रैलियों में राज्य के नेता तो शामिल होंगे ही, साथ ही बड़े चेहरे भी मैदान में उतरेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सबसे ज्यादा 30 रैलियां करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों 11-11 रैलियों को संबोधित करेंगे.
रोज 12 बजे TMC से सवाल
BJP ने एक नई रणनीति शुरू की है जिसमें बांग्ला नव वर्ष से हर दिन दोपहर 12 बजे ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से एक सवाल पूछा जाएगा. इसके लिए कोलकाता और अलग-अलग जोनल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएंगी.
रणनीति में बड़ा बदलाव
इस बार BJP ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां योगी आदित्यनाथ की रैलियां मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा होती थीं, वहीं इस बार फोकस ग्रामीण इलाकों पर रखा गया है. पार्टी का मानना है कि ज्यादा ध्रुवीकरण से फायदा TMC को भी मिल सकता है, इसलिए इस बार संतुलित रणनीति अपनाई जा रही है.
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किसे मिल रहा ज्यादा रोल?
स्थानीय चेहरों में मिथुन चक्रवर्ती को सबसे ज्यादा रैलियों में उतारा जाएगा क्योंकि ग्रामीण इलाकों में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है. वहीं असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की रैलियां सीमावर्ती इलाकों में रखी गई हैं.
इसके अलावा ओड़िया और ट्राइबल इलाकों में स्थानीय नेताओं को उतारकर बीजेपी ने माइक्रो-लेवल रणनीति तैयार की है. यानी साफ है कि BJP इस बार बंगाल चुनाव में हर स्तर पर प्लानिंग के साथ उतर रही है और पहले चरण को जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.