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बंगाल में इम्तिहान पार्ट-2... किस दल का क्या दांव पर, 23 सीटों पर तो महिला वोटर पुरुषों से भी ज्यादा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 142 सीटों पर 1448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला बुधवार को होगा. इस चरण को बंगाल के सत्ता की दशा और दिशा तय करेगी, क्योंकि इसी इलाके के दम पर ममता बनर्जी सत्ता की हैट्रिक लगा चुकी है. इस फेज में महिला वोटर ही निर्णायक रोल में है.

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बंगाल के दूसरे चरण के चुनावी की चाबी महिलाओं के हाथ में है (Photo-X)
बंगाल के दूसरे चरण के चुनावी की चाबी महिलाओं के हाथ में है (Photo-X)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान बुधवार को होने जा रहा है. इस चरण में  142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जो बंगाल की सत्ता को तय करने में काफी अहम माने है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'मां,माटी और मानुष' का असल इम्तिहान है. यह चरण सिर्फ टीएमसी के सबसे मजबूत गढ़ में ही नहीं बल्कि कोर वोटबैंक के अग्निपरीक्षा का है. इस फेज में जो भी दल सियासी बाजी मारने में कामयाब रहेगा, उसी के नाम बंगाल की सत्ता होगी? 

बंगाल में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद भी बुधवार को जिन 142 सीटों पर मतदान है, उसमें से 23 सीटों पर महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. ऐसे में साफ है कि इस फेज में सत्ता की दशा और दिशा महिला वोटर ही तय करेंगी?

दूसरा फेज में 8 जिलों की 142 सीटों पर 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है. इस इलाके को सीएम ममता बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता है. टीएमसी के उस 'कोर बेल्ट'में चुनाव है, जहां पर महिला तय करेंगी कि बंगाल की सत्ता के हाथ में हो? 

23 सीटों पर पुरुष से ज्यादा महिला वोटर 
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण की 142 सीटों में से 23 सीट पर महिला मतदाता पुरुषों से ज्यादा हैं. इसमें जादवपुर सीट सबसे ऊपर है, जहां पर पुरुष मतदाता 1.28 लाख हैं, जबकि महिलाएं 1.37 लाख वोटर्स हैं. इस तरह पुरुषों के मुकाबले 11759 महिला वोटर्स ज्यादा हैं. जादवपुर के बाद बेहाला पश्चिम का नंबर आता है, जहां पर पुरुष वोटर्स 1,28,607 हैं तो महिला 1,37,562 वोटर्स हैं. बेहला पूर्वी सीट पर पुरुष वोटर्स 1,26,011 हैं तो महिला 1,33,562 मतदाता हैं. 

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टॉलीगंज विधानसभा सीट पर पुरुष वोटर्स 1,10,663 हैं तो महिला 1,19,323 वोटर्स हैं. दमदम विधानसभा सीट पर 1,05,629 पुरुष और 1,11,908 महिला मतदाता हैं. बिधाननगर विधानसभा सीट पर 98,891 पुरुष और 1,04979 महिला वोटर्स हैं. राजारहाट गोपालपुर विधानसभा सीट पर 1,06,453 पुरुष और 1,12,429 महिला मतदाता हैं, इसी तरह राशबिहारी विधानसभा सीट पर 76,263 पुरुष और 82,137 महिला वोटर्स हैं.

बारानगर और बर्दवान दक्षिण में भी महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है.इस तरह से बारानगर सीट पर पुरुष वोटर 90,690 और महिला वोटर 95,847,जबकि कसबा में पुरुष वोटर 1,31,451 और महिला वोटर 1,34,158 हैं. 23 सीटों की लिस्ट में बारसात और हुगली का चंपदानी सबसे नीचे है. बारसात में महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से 373 ज्यादा है, चंपदानी में यह आंकड़ा 122 का है. इस तरह अगर वोटिंग पैटर्न रहा तो साफ है कि महिला मतदाता ही इन सीटों के सियासी भविष्य का फैसला करेंगी? 

दूसरे चरण के पास बंगाल के सत्ता की चाबी
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के जरिए सत्ता की दशा और दिशा तय होनी है. दूसरे फेज की जिन 142 सीटों पर कल मतदान है, 2021 के चुनाव में इनमें से बीजेपी ने सिर्फ 18 सीटें जीती थी जबकि टीएमसी ने 123 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता की हैट्रिक लगाई थी. कोलकाता ही नहीं उत्तर और दक्षिण 24 परगना इलाके की एक भी सीट बीजेपी नहीं जीत सकी थी. इससे समझा जा सकता है कि ममता बनर्जी का इस इलाके में कितनी मजबूत पकड़ है. 

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2021 में बीजेपी उत्तरी बंगाल और जंगल महल के इलाके वाली सीटों पर टीएमसी पर भारी पड़ी थी, लेकिन दक्षिण बंगाल की सीटों पर उसका गेम बिगड़ गया था. बीजेपी ने इस बार पूरा फोकस इसी इलाके पर किया है, जहां पांच साल तक अलग-अलग मुद्दों पर टीएमसी को घेरती रही है. यही वजह है कि ममता बनर्जी अपने मजबूत गढ़ को बचाए रखने की कवायद में है तो बीजेपी सेंधमारी के लिए हर दांव चला है. 

दूसरे चरण में किसका क्या दांव पर लगा है? 
पश्चिम बंगाल के दूसरे फेज में 8 जिलों की 142 सीटों पर 1448 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है, जिसका फैसला 29 अप्रैल को मतदाता करेंगे. टीएमसी ने दूसरे फेज की सभी 142 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रखे हैं तो बीजेपी 141 सीटों पर किस्मत आजमा रही है. कांग्रेस सभी 142 सीट पर चुनाव लड़ रही है जबकि सीपीएम 100 सीट पर अपने उम्मीदवार उतार रखे हैं.

दूसरे चरण में कोलकाता की सभी शहरी सीटें इसी चरण में शामिल हैं. इसके अलावा 24 परगना उत्तर और दक्षिण दोनों जिलें की सीटें है. हावड़ा, नदिया, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिले की सीटें है.ऐसे ही पूर्व और पश्चिम बर्धमान की सीटें हैं, जहां पर 2021 में टीएमसी ने क्लीन स्वीप किया था. इसी इलाके के बदौलत की ममता बनर्जी बंगाल में सत्ता की हैट्रिक लगाने में कामयाब रही थी.

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ममता बनर्जी ने इन सीटों के दम पर ही 2021 में सत्ता की हैट्रिक लगाई थी।. कोलकाता और 24 परगना में भाजपा पिछली बार एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं और उनके खिलाफ भाजपा के शुभेंदु अधिकारी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे यह मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है.

बीजेपी ने इस बार 'उत्तर बंगाल' और 'जंगलमहल' की अपनी मजबूती को दक्षिण बंगाल में दोहराने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने संदेशखाली और मतुआ समुदाय के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया है. कांग्रेस और वाम मोर्चा (CPM) ने कई सीटों पर टीएमसी और भाजपा के वोटों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है. इस तरह दूसरे चरण का चुनाव त्रिकोणीय बनाने की कवायद में है, लेकिन सीधा मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है. 

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