असम विधानसभा चुनाव में गुरुवार को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 722 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं. अंतिम दिन 67 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए हैं.
नामांकन वापस लेने वालों में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के एमडी अमीनुल इस्लाम (मनकाचर सीट) भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में एआईयूडीएफ से इस्तीफा दिया था. इसके अलावा, ऑटोनॉमस स्टेट डिमांड कमेटी (ASDC) के चार सदस्य और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक नेता ने भी नाम वापस लिया. शेष उम्मीदवारों निर्दलीय थे.
ASDC के जिन चार नेताओं ने नामांकन वापस लिया, उनमें कमल सिंह बे (बोकाजन), मंडल एंघी (हावराघाट), गुलसन बे (दीफू) और अंजोशी तेरांग (हाफलोंग) शामिल हैं.
असम विधानसभा चुनाव के लिए 126 सीटों पर कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे. जांच के बाद 789 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए.
इस चुनाव में मैदान में प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, विधानसभा स्पीकर बिस्वजीत दैमारी और कई कैबिनेट मंत्री शामिल हैं.
बता दें, असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी.
असम में चुनावी हलचल तेज
असम में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर ‘पाकिस्तानी एजेंट’ कहकर टारगेट किया है. वहीं, असम की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की ‘पीपुल्स चार्जशीट’ के जरिए बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश कर रही है.
हिमंत बिस्वा सरमा सत्ता में वापसी कर बीजेपी की हैट्रिक का प्लान बना रहे हैं. बीजेपी असम और पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है. हिमंता बिस्वा सरमा के भाषणों में कई बार-बार ‘मियां मुस्लिम’ शब्द का इस्तेमाल भी देखने को मिला है, जो अक्सर विवाद का कारण बना है.