शैक्षणिक सत्र 2015-16 से आपदा प्रबंधन में डिप्लोमा शुरू कर रहा है. यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी. इस पाठ्यक्रम के लिए किसी भी स्ट्रीम से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं.
यूनिवर्सिटी ने हिमालय में एक मॉडल कॉरिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा है, जहां स्टूडेंट्स को विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलनों, हिमस्खलन, बादल फटने, बाढ़ आदि के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
के कुलपति तलत अहमद ने कहा कि वैज्ञानिकों के एक समूह को नेपाल और भारत के पड़ोसी क्षेत्रों के प्रभावित इलाकों में अध्ययन करने के लिए आगे आना चाहिए.
अहमद के नेतृत्व में भूवैज्ञानिकों के एक समूह ने 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में व्यापक अध्ययन किया है.
कुलपति ने केंद्र सरकार से विशेषज्ञों के एक समूह की ओर से विनाशकारी भूकंप का वैज्ञानिक अध्ययन कराने का भी आग्रह किया है, जिसके लिए जामिया प्राकृतिक आपदा संबंधित मामलों में अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा.
इनपुट: IANS