मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 2018 से CBSE 10वीं बोर्ड एग्जाम अनिवार्य करने की घोषणा कर सकते हैं. मंगलवार को वे राज्य शिक्षा मंत्रियों व सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CABE) के साथ बैठक करेंगे. देश की सबसे बड़ी परीक्षा कराने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) को मीटिंग के बाद सूचित किया जाएगा.
गौरतलब है कि यूपीए सरकार ने साल 2009-10 में सीबीएसई कक्षा 10 बोर्ड एग्जाम वैकल्पिक
कर दिए थे और साल भर के आधार पर
ग्रेडिंग की सुविधा शुरू की गई थी. इसके पीछे तर्क था कि ग्रेडिंग सिस्टम
स्टूडेंट्स पर दबाव कम करेगा.
अब फिर से की शुरुआत के पीछे राज्य और बच्चों के माता-पिता की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं को बताया जा रहा है.
पांचवीं क्लास तक नो डिटेंशन...
इसके अलावा पांचवीं तक के स्टूडेंट्स के लिए 'नो डिटेंशन' पॉलिसी भी घोषित की जा सकती है. राज्य इसे अपने सुविधानुसार आठवीं कक्षा तक लागू कर सकेंगे. हालांकि उन्हें इस बीच फेल होने वाले स्टूडेंट्स को अगली क्लास में प्रमोट करने के लिए दोबारा परीक्षाएं लेनी होंगी.