संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 4 फरवरी 2026 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस साल आयोग ने सर्विस एलोकेशन (सेवा आवंटन) और डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई अहम और बड़े बदलाव किए हैं. IPS के लिए नियम ज्यादा स्पष्ट और सख्त किए गए हैं.
अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही IPS के लिए हो चुका है, तो वह CSE 2026 के जरिए दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकता. इसके अलावा, अगर आप कार्यरत IAS और IFS अधिकारी हैं तो अब इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे. यदि मेन्स परीक्षा से पहले किसी उम्मीदवार की नियुक्ति इन सेवाओं में हो जाती है, तो उन्हें मुख्य परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी.
जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स का उपयोग करने के लिए 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर (बिना इस्तीफा दिए) दिया गया है.
इन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव
UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से 'ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.
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इसके अलावा, परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया गया है.उम्मीदवारों को अब एक नए चार-चरणों वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह से आधार से जुड़ा होगा..
योग्यता
जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.