Old Pension Scheme Restore: पंजाब सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का बड़ा तोहफा दिया है. लंबे समय से ऑल्ड पेंशन सिस्टम की मांग कर रहे कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म हो गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2022 को अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. आम आदमी पार्टी नेता व पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इसकी घोषणा की.
सीएम भगवंत मान ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की सूचना दी. उन्होंने वीडियो में कहा, 'हमने कैबिनेट बैठक में इस आशय का सैद्धांतिक निर्णय लिया है. इससे लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा... हम पंजाब को पुरानी पेंशन योजना के तहत ला रहे हैं.'
उन्होंने बताया कि सोमवार को कैबिनेट ने ओपीएस को लागू करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी. उन्होंने कैबिनेट बैठक के बाद एक वीडियो संदेश में कहा कि यह योजना आज (21 अक्टूबर) से लागू की जाएगी. यह कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग थी क्योंकि 2004 में उन्हें ओपीएस से वंचित कर दिया गया था. यह एक ऐतिहासिक निर्णय है और राज्य के कर्मचारियों के लिए अब तक का सबसे अच्छा दिवाली गिफ्ट है.
AAP की सरकार का ऐतहासिक फैसला‼️
▪️Punjab में Old Pension Scheme को किया बहाल
▪️Govt Employees को Diwali का बड़ा तोहफा
▪️लाखों कर्मचारियों की मांग को किया पूरा
▪️DA की 6% किस्त देने को भी दी मंजूरी
Gujarat और Himachal की जनता मौक़ा देगी तो वहाँ भी OPS करेंगे लागू💯— AAP (@AamAadmiParty)
सीएम ने कहा कि 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने उनसे किए गए वादों को पूरा करने के लिए कहा था. वहीं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा. हालांकि दूसरी ओर पंजाब सरकार के इस कदम को हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनावों के प्रचार में राजनीतिक बढ़त हासिल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
बता दें कि पिछले साल अगस्त में, आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता, चीमा ने वादा किया था कि अगर पार्टी पंजाब में सत्ता में आई तो पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाएगा. एक बार लागू होने के बाद, राज्य कर्मचारी संघ के नेताओं के अनुसार, इस कदम से पंजाब सरकार के लगभग 1.6 लाख कर्मचारियों को लाभ होने की संभावना है, जो 2004 के बाद सेवा में शामिल हुए थे.