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चीन-US का मॉडल पढ़ो... Re-NEET पर संसद में पेश हुए श‍िक्षा-स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसर, सांसदों ने दी सलाह

नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद संसद में संसदीय समिति ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को होने वाले री-टेस्ट के लिए अभेद्य इंतजाम करने का भरोसा दिया. समिति ने छात्रों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जताई. सांसदों ने चीन और अमेरिका के परीक्षा मॉडल को अपनाने की सलाह दी.

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NEET रीएग्जाम फुल प्रूफ सुरक्षा में कराने की तैयारी में जुटे मंत्रालय. ( Rep. Photo: PTI)
NEET रीएग्जाम फुल प्रूफ सुरक्षा में कराने की तैयारी में जुटे मंत्रालय. ( Rep. Photo: PTI)

नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में मचे बवाल के बीच आज देश की संसद में एक बेहद अहम और बड़ी हलचल हुई है. 3 मई को हुई परीक्षा में लीक के खुलासे के बाद मचे हाहाकार के बीच अब पूरा फोकस 21 जून 2026 को होने जा रहे नीट री-टेस्ट पर है.

इस परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी संकट पर आज स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालय के आला अधिकारी संसदीय समिति (Parliamentary Panel) के सामने पेश हुए. इस हाई-लेवल मीटिंग में केंद्र सरकार ने कमेटी को भरोसा दिलाया है कि 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए 'फूल-प्रूफ' (अभेद्य) इंतजाम किए गए हैं, ताकि दोबारा किसी विवाद की गुंजाइश न रहे.

संसद में गूंजा छात्रों के सुसाइड और डिप्रेशन का दर्द
इस बैठक में केवल प्रशासनिक दावों पर बात नहीं हुई, बल्कि उन बच्चों के दर्द को भी छुआ गया जो इस सिस्टम की कमियों का खामियाजा भुगत रहे हैं. संसदीय समिति ने परीक्षाओं के चलते छात्रों में बढ़ते तनाव (Exam Anxiety) और हाल ही में सामने आई छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर बेहद गहरी चिंता व्यक्त की. कमेटी ने साफ कहा कि परीक्षा का डर बच्चों की जान पर भारी नहीं पड़ना चाहिए.

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सांसद बोले- 'पेपर लीक रोकना है तो चीन और अमेरिका का मॉडल पढ़ो'
बैठक के दौरान समिति में शामिल सांसदों ने अधिकारियों को एक बेहद दिलचस्प और जरूरी सलाह दी. सांसदों ने कहा कि बार-बार होते पेपर लीक से देश की बदनामी होती है, इसलिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को चीन (Gaokao मॉडल) और अमेरिका के परीक्षा सिस्टम का गहराई से अध्ययन करना चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि वे इतनी बड़ी संख्या में बिना किसी लीक के 'अभेद्य' परीक्षाएं कैसे आयोजित कर लेते हैं. इसके साथ ही कमेटी ने NTA और NMC को आपसी तालमेल बेहतर करने की हिदायत दी.

CBI डायरेक्टर ने सौंपी जांच रिपोर्ट
बैठक में जांच की आंच भी महसूस की गई. CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद ने खुद संसदीय समिति के सामने मौजूद होकर नीट-यूजी पेपर लीक मामले की अब तक की जांच पर एक विस्तृत ब्रीफिंग दी. उन्होंने बताया कि 12 मई को जब पेपर लीक की बात सतह पर आई, तो किस तरह गिरोहों ने इस पूरी परीक्षा को प्रभावित किया, जिसके बाद सरकार को 3 मई का एग्जाम रद्द करना पड़ा था.

मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने पर है. यह परीक्षा पहले की तरह ही ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित की जाएगी.

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