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जानें- 2G और 3G के बारे में, जब मच गई दी थी मोबाइल की दुनिया में हलचल

जानें 2जी, 3जी और 4जी टेक्नोलॉजी की सभी जनरेशन के बारे में. इतने सालों में क्या-क्या हुआ बदलाव....

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

टेक्नोलॉजी के दुनिया में 4जी सेवा लॉच होने के बाद यूजर्स को काफी आराम मिला है. लेकिन क्या आप जानते है 2जी, 3जी टेक्नोलॉजी के बारे में. इसकी शुरुआत कब हुई थी. और इनके आने के बाद क्या क्या बदलाव हुए थे.

2G

सेकण्ड जनरेशन (2जी) टेक्नोलॉजी की स्थापना 1991 में हुई थी. 2जी टेक्नोलॉजी तकनीक डिजिटल सिग्नल पर आधारित है. इसे संक्षेप में हम GSM कह सकते हैं. 2 इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद मानो जैसे मोबाइल टेक्नोलॉजी में क्रांती आ गई. फोनकॉल के साथ-साथ इंटरनेट का मजा यूजर्स उठा सकते थे.

बता दें, 2जी की डाटा ट्रांसफर स्‍पीड 236 kbps थी. इसमें डाउनलोड और अपलोड की अधिकतक स्पीड 64 kbps तक थी. वहीं इसमें पिक्चर मैसेज, टेक्स मैसेज और मल्टीमीडिया मैसेज बड़े आराम से भेजे जा सकते थे. लेकिन वीडियो कॉल, वीडियो कांफ्रेसिंग और मोबाइल टेलीविजन के मामले में 2जी सफल नहीं था. 

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3G नेटवर्क, जो बना फ्रंट कैमरा की वजह

वीडियो कांफ्रेसिंग और मोबाइल टेलीविजन के मामले में 2जी सफल नहीं हुआ. जिसके बाद साल 2009 में 3जी टेक्नोलॉजी ने नेटवर्क की दुनिया में हलचल मचा कर रख दी. इसकी डाटा ट्रांसफर स्‍पीड 21 mbps है, जो 2जी के मुकाबले बहुत ज्‍यादा है. वहीं अपलोड स्पीड 5.7 mbps है

वहीं अपलोड स्पीड 5.7 Mbps होती है, इसने मोबाइल यूजर्स के लिये वीडियो कॉल, वीडियो कांफ्रेसिंग और मोबाइल टेलीविजन के रास्‍ते खोल दिये. वहीं आज भी विज्ञापनों में 3जी के इसी फीचर को दिखाया जाता था. 3जी के आने के बाद मोबाइल और लैपटॉप के लिये स्‍पेशल ऑनलाइन टीवी एप्‍लीकेशन आने लगीं, साथ ही साथ फोन में वीडियो कॉल के लिए फ्रंट कैमरा भी आने लगा. जिसने मोबाइल की दुनिया में तहलका मचा दिया. यूजर्स के लिए वीडियो कॉल करना आसान हो गया था. आज जिस फ्रंट कैमरे से आप और हम सेल्फी लेते हैं, वह 3जी टेक्नोलॉजी की देन है.

4G

भारत के यूजर्स ने अभी 3जी नेटवर्क का पूरा मजा लिया ही नहीं था कि साल 2015 में 4जी जनता के बीच आ धमका. वैसे यह तकनीक 3जी के मुकाबले लगभग 5-10 गुना तेज है यानी इसमें इंटरनेट की स्‍पीड 100 Mbps से 1Gbps के लगभग है.

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जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी एडवांस होती गई, वैसे -वैसे स्मार्टफोन में बदलाव आता रहा. 4जी आने के बाद स्मार्टफोन पर बिना बफरिंग के टीवी देखना, विडियो कॉल करना, मूवी, सॉफ्टवेयर, गेम्‍स डाउनलोड करना चु‍टकियाका काम हो गया है. जिस तरह आप अपने कंम्‍प्‍यूटर से कोई फाइल कॉपी करते हो बिलकुल वैसे ही लगेगा. 4जी आने के पहले एक वो समय था जब किसी मूवी को रात को डाउनलोड पर लगा कर सोते थे और सुबह तक सोचते थे कि डाउनलोड हुई होगी या नहीं और डाउनलोड होने पर बहुत खुश होते थे.

जानें मोबाइल नेटवर्क की पहली पीढ़ी के बारे में...

बता दें, 2जी शुरुआत से पहले 1जी मोबाइल नेटवर्क आया था, जिसे मोबाइल नेटवर्क की सबसे पहली पीढ़ी कहा जाता है. इसकी शुरुआत साल 1981 में हुई थी. 1जी नेटवर्क के माध्यम से केवल वॉयस कॉलिंग और मैसेजिंग का ही इस्तेमाल होता था और यह सर्विस कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही उपलब्ध थी.

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