यूपी बोर्ड और CBSE की तुलना हमेशा से होती आई है. जब भी 10वीं और 12वीं परीक्षा की बात आती हो तो छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो जाती है कि आखिर किसमें एडमिशन लेना सही होगा. लेकिन केवल चर्चा के आधार पर फैसला करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इसमें सबसे बड़ा सवाल ये भी होता है कि यूपी और CBSE में से ज्यादा स्कोरिंग कौन सा बोर्ड देते है. आंकड़े कहते हैं कि हाईस्कूल परीक्षा 2026 में यूपी बोर्ड की तुलना में CBSE की 95 प्रतिशत या इससे अधिक नंबर पाने वाले छात्रों की संख्या 121 गुना से ज्यादा है.
CBSE ने 15 अप्रैल को जबकि यूपी बोर्ड ने 23 अप्रैल को हाईस्कूल का परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था. यूपी बोर्ड में 27,58,679 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था जिसमें से 25, 98, 315 छात्र शामिल हुए थे जिसमें से 23, 50,316 (90.46) पास हुए. वहीं, CBSE की 10वीं परीक्षा में देश-दुनिया से 24, 83, 479 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया जिसमें से 24, 71,777 शामिल हुए और 23, 260, 008 पास हुए.
CBSE बोर्ड को 10वीं में मिले इतने टॉपर्स
दोनों बोर्ड के आंकड़ों को जब देखा गया तो CBSE का पलड़ा भारी दिखाई दिया. ऐसा इस लिए क्योंकि CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत से ज्यादा लाने वाले छात्रों की संख्या 55,368 रही वहीं, यूपी बोर्ड में यह संख्या 458 रही. इसके कारण यूपी बोर्ड की तुलना में CBSE के 121 गुना मेधावी छात्रों को ये आंकड़ा पार करने में सफलता मिली.
90 प्रतिशत लाने वाले छात्र
वहीं, यूपी बोर्ड में 14,172 छात्रों को 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा नंबर मिले जबकि CBSE में ये आंकड़ा 22,15,74 रहा. हाईस्कूल की परीक्षा में यूपी बोर्ड के 73 प्रतिशत छात्र फर्स्ट क्लास पास हुए हैं. केवल 63, 2854 छात्र ऐसे हैं जिन्हें 60 प्रतिशत से कम नंबर मिले हैं.