लगातार बढ़ते नेटवर्क की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने हजारों सुरक्षाकर्मियों की भर्ती करने का फैसला लिया है. रेलवे ने कहा कि महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और हेल्पलाइन नंबर शुरू करने के साथ-साथ हजारों की संख्या में सुरक्षाकर्मियों की जाएगी.
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल ने कहा कि चलती ट्रेनों में सुरक्षा की संयुक्त जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी की होती है. आपको बता दें कि आरपीएफ रेलवे के तहत आती है वहीं जीआरपी विभिन्न राज्य सरकारों के तहत आती है जिसका अभियानों के तहत जीआरपी पर होने वाले खर्च का आधा हिस्सा रेलवे उठाती है.
उन्होंने कहा कि भीतर 17,000 कांस्टेबलों हैं. उन्होंने कहा कि हम जीआरपी को मजबूत बनाने के संबंध में संबंधित राज्य सरकारों की ओर से किसी भी सहायता और प्रस्ताव का स्वागत करेंगे.
- इनपुट भाषा