रेलवे में नौकरी की तैयारी करने वाले ज्यादातर उम्मीदवार अपनी पसंदीदा पोस्ट को लेकर पहले से तय रहते हैं. कोई लोको पायलट बनना चाहता है तो किसी की नजर स्टेशन मास्टर की नौकरी पर होती है. लेकिन रेलवे का दायरा इन पदों तक ही सीमित नहीं है. रेलवे में अधिकारी स्तर की ऐसी नौकरियां भी हैं, जहां जॉब की शुरुआत अच्छी पे के साथ होती है और करियर आगे बढ़ने पर सैलरी लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. अगर आप रेलवे में ऊंचे पद और बेहतर सैलरी वाली नौकरी तलाश रहे हैं, तो इस भर्ती के बारे में जरूर जानिए.
IRMS में अधिकारी जूनियर स्केल से करियर शुरू करते हैं. आधिकारिक नियमों के मुताबिक, जूनियर स्केल पे लेवल-10 में आता है, जिसका वेतनमान 56,100 से 1,77,500 रुपये है. इसके बाद वरिष्ठता और पदोन्नति के साथ अधिकारी लेवल-11, 12, 13, 14, 15, 16 और अंत में लेवल-17 तक पहुंच सकते हैं. लेवल-17 में बेसिक पे 2,25,000 रुपये प्रति माह है.
शुरुआत में कितनी होती है सैलरी?
IRMS के लिए जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, प्रोबेशनर की नियुक्ति के बाद उसे जूनियर स्केल के न्यूनतम सैलरी यानी 56,100 रुपये प्रति माह से सैलरी मिलता है. इसके अलावा सरकार के नियमों के अनुसार लागू भत्ते भी मिलते हैं. इसलिए यहां एक बात समझना जरूरी है कि 56,100 रुपये बेसिक पे है. वहीं, महीने भर की सैलरी की बात करें, तो सैलरी में अलग-अलग सरकारी भत्ते शामिल हो सकते हैं. इसी तरह लेवल-17 का 2.25 लाख रुपये का आंकड़ा भी बेसिक पे है, इसे सीधे हाथ में आने वाली सैलरी नहीं माना जाना चाहिए.
प्रमोशन के बाद कितनी बढ़ती है सैलरी ?
IRMS के आधिकारिक सैलरी ढांचे में अलग-अलग स्तरों पर पे मैट्रिक्स भी अलग-अलग है.
जूनियर स्केल- लेवल-10, ₹56,100–₹1,77,500
सीनियर स्केल- लेवल-11, ₹67,700–₹2,08,700
जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड- लेवल-12, ₹78,800–₹2,09,200
नॉन-फंक्शनल सीनियर ग्रेड- लेवल-13, ₹1,23,100–₹2,15,900
सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड- लेवल-14, ₹1,44,200–₹2,18,200
हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड- लेवल-15, ₹1,82,200–₹2,24,100
हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड+- लेवल-16, ₹2,05,400–₹2,24,400
एपेक्स लेवल- लेवल-17, ₹2,25,000
कौन कर सकता है IRMS के लिए तैयारी?
IRMS की अलग-अलग शाखाओं में इंजीनियरिंग और दूसरे संबंधित क्षेत्रों के पद शामिल हैं. UPSC की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा से IRMS (Civil), IRMS (Mechanical), IRMS (Electrical), IRMS (Signal & Telecommunication) और IRMS (Stores) से जुड़े पद शामिल किए गए हैं. इसका मतलब है कि संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के लिए UPSC की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा रेलवे में अधिकारी बनने का एक रास्ता है.
कैसा होता है चयन?
रेलवे में ग्रुप-ए अधिकारियों की भर्ती में संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की भूमिका होती है. रेलवे के आधिकारिक प्रशिक्षण दस्तावेज में भी ग्रुप-ए सेवाओं की भर्ती के लिए UPSC को प्रमुख भर्ती एजेंसी बताया गया है. इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले उम्मीदवारों के लिए UPSC की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा महत्वपूर्ण रास्ता है. परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण जैसे चरण शामिल होते हैं. उम्मीदवार की अंतिम रैंक, उपलब्ध पद और संबंधित नियमों के आधार पर सेवा आवंटन होता है.
रेलवे में सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने का मौका
2025 के आधिकारिक रेलवे नियमों में चेयरमैन एवं सीईओ समेत कई पदों को लेवल-17 के पदों में शामिल किया गया है. हालांकि, इन पदों पर सीधे किसी फ्रेशर की भर्ती नहीं होती. ये वरिष्ठ अधिकारियों के लिए शीर्ष स्तर के पद हैं. इसलिए अगर सवाल यह है कि रेलवे में सीधे नौकरी लगते समय किस रास्ते से अधिकारी बन सकते हैं, तो IRMS की भर्ती और संबंधित UPSC परीक्षाओं को समझना ज्यादा जरूरी है.