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Gen Z Office Culture: ऑफिस में बार-बार ब्रेक क्यों लेता है Gen Z, ये है माइक्रो ब्रेक्स का फंडा!

जेन जी वर्क कल्चर में आने के बाद बहुत से नए रूल्स बना रही है. पुरानी पीढ़ी काम करते वक्त ब्रेक्स लेने से कतराती थी. उनहें लगता था उनके इस काम से उनके बॉस उनके काम पर डाउट करेंगे. लेकिन जेन जी ब्रेक्स लेने से बिल्कुल नहीं कतराती. बल्कि जेन जी काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक्स लेती रहती है ताकि उसकी एक्टिवनेस बनी रहे.

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ऑफिस के बीच माइक्रो ब्रेक्स का क्या है जेन जी फंडा?
ऑफिस के बीच माइक्रो ब्रेक्स का क्या है जेन जी फंडा?

आजकल ऑफिस में लगातार काम करना, घंटों स्क्रीन देखना और टाइम पर काम पूरा करने का प्रेशर कॉमन है. ऐसे में काम के बीच कुछ मिनट का आराम मिल जाए, तो अच्छा लगता है. इसी जरूरत से जुड़ा एक तरीका है 'माइक्रो ब्रेक्स'. इसका मतलब है काम के बीच थोड़ी देर का ब्रेक लेना, ताकि आप कुछ टाइम के लिए काम से ध्यान हटाकर खुद को आराम दे सकें.

क्या होते हैं माइक्रो ब्रेक्स?

माइक्रो ब्रेक्स का मतलब है काम के बीच 10 मिनट या उससे कम टाइम का छोटा ब्रेक लेना. इसके लिए न तो लंबी छुट्टी चाहिए और न ही ऑफिस से बाहर जाने की जरूरत है. अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलना, पानी पीना, हल्की स्ट्रेचिंग करना या कुछ देर आंखों को स्क्रीन से हटाकर दूर देखना इसके आसान तरीके हैं.

लगातार काम करते रहने से शारीरिक और मानसिक थकान फील हो सकती है. ऐसे में कुछ देर के लिए काम रोकना रोज के काम के बीच राहत दे सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति को ब्रेक की जरूरत और उससे मिलने वाला फायदा अलग-अलग हो सकता है.

रिसर्च में भी सामने आए माइक्रो ब्रेक्स के फायदे

साल 2022 में प्लस वन जर्नल में माइक्रो ब्रेक्स को लेकर एक रिसर्च पब्लिश्ड हुई थी. इसका नाम 'गिव मी अ ब्रेक'! 'अ सिस्टेमैटिक रिव्यू एंड मेटा-एनालिसिस ऑन द एफिकेसी ऑफ माइक्रो-ब्रेक्स फॉर इनक्रीजिंग वेल-बीइंग एंड परफॉर्मेंस' था. रिसर्चर्स ने 19 स्टडीज की जांच की. इनमें 2,335 लोग शामिल थे और 22 अलग-अलग स्टडीज के रिजल्ट देखे गए.

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रिसर्च में पाया गया कि छोटे ब्रेक लेने से थकान कम करने और ज्यादा एक्टिवनेस फील करने में हेल्प मिल सकती है. हालांकि, सभी तरह के कामों में एक्टिविटी बेहतर होने के पक्के सबूत नहीं मिले. रिसचर्स ने ये भी पाया कि कम मेंटली मेहनत वाले कामों में एक्टिवनेस से जुड़े कुछ फायदे दिखे. यानी छोटे ब्रेक लेने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं, लेकिन इससे काम की स्पीड या रिजल्ट बेहतर हों, ये जरूरी नहीं है.

ऑफिस में कैसे लें माइक्रो ब्रेक?

माइक्रो ब्रेक लेने के लिए आप काम के बीच कुछ मिनट निकाल सकते हैं. इस दौरान अपनी सीट से उठकर थोड़ा चलें, पानी पिएं या हल्की स्ट्रेचिंग करें. अगर आप लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं, तो बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाकर दूर देख सकते हैं.

ब्रेक के बीच मोबाइल पर रील्स देखने के बजाय स्क्रीन से थोड़ा दूर रहना भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इससे आपको काम से अलग कुछ टाइम मिल सकता है. हालांकि, रिसर्च ये तय नहीं करती कि हर व्यक्ति को कितनी देर या कितनी बार ब्रेक लेना चाहिए.

कुल मिलाकर, माइक्रो ब्रेक्स काम से बचने का तरीका नहीं, बल्कि काम के बीच थोड़ी राहत लेने की आदत है. कुछ मिनट का ब्रेक थकान कम करने और ऊर्जा महसूस करने में मदद कर सकता है. लेकिन इसे काम की क्षमता बढ़ाने का पक्का तरीका मानने के बजाय अपने काम के बीच आराम का एक आसान ऑप्शन समझना बेहतर है.

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