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नौकरियों के मौके घटे, नए करियर की शुरुआत मुश्किल? भारत में जॉब पोस्टिंग में 5% गिरावट

बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में जॉब पोस्टिंग सालाना आधार पर 5% घटी है, लेकिन यह गिरावट कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से कम रही. रिपोर्ट यह भी बताती है कि एंट्री लेवल नौकरियों पर दबाव बढ़ा है, जबकि एआई और कुछ खास स्किल वाले सेक्टर में मांग लगातार तेज हो रही है.

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AI jobs, AI impact on jobs, AI and employees
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टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों पर संकट के बीच माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, ओरेकल और टीसीएस जैसी कंपनियों में भी कर्मचारियों की छंटनी की खबरें सामने आई हैं. Layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक 1.31 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारियों की नौकरियां जा चुकी हैं. लेकिन इस बीच हायरिंग को लेकर आ रही रिपोर्ट ने नए खुलासे कर दिए हैं. रिपोर्ट में माना गया है कि दुनियाभर में भर्ती की रफ्तार धीमी पड़ने के बीच भारत का जॉब मार्केट कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर स्थिति में रहा है.

बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में जॉब पोस्टिंग सालाना आधार पर 5% घटी. हालांकि, एंट्री लेवल मौके ज्यादा तेजी से कम हुए, जबकि एआई टैलेंट की मांग दुनिया भर में बढ़ती रही. ग्लोबल जॉब मार्केट ट्रेंड्स नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल से जून 2026 के बीच बड़े बाजारों, अलग-अलग इंडस्ट्री और बिजनेस फंक्शन में हायरिंग डिमांड कमजोर रही. हर सेक्टर में भर्ती पर दबाव बना हुआ है, लेकिन कंपनियां अब भी खास स्किल वाले लोगों की तलाश कर रही हैं.

भारत की स्थिति ठीक 

10 बड़े जॉब मार्केट की तुलना में भारत में भर्ती में गिरावट कई देशों के मुकाबले कम रही. फ्रांस में जॉब पोस्टिंग 40% घटी,  ब्राजील में 39% जबकि नीदरलैंड्स में 33% की गिरावट दर्ज की गई. जर्मनी में यह आंकड़ा 27% और अमेरिका में 23% रहा. वहीं, चीन में 10%, ब्रिटेन में 9%, जापान में 7% और कनाडा में 4% की कमी आई.

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भारत में कुल जॉब पोस्टिंग में गिरावट कम रही, लेकिन नए और जूनियर पदों पर दबाव साफ दिखाई दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में जूनियर और एंट्री-लेवल नौकरियों की पोस्टिंग पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11% कम हुई. पहली तिमाही में यह गिरावट 6% थी. दूसरी तिमाही में कुल जॉब पोस्टिंग में जूनियर पदों की हिस्सेदारी 95% रही.

कई पारंपरिक कॉरपोरेट फंक्शन में भी दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई. रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट में सबसे ज्यादा 37% की गिरावट रही. इसके बाद सेल्स और मार्केटिंग में 32% की गिरावट दर्ज हुई.

इन क्षेत्रों में दिखी गिरावट 

भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में भर्ती की स्थिति एक जैसी नहीं रही. स्ट्रैटेजी और एनालिटिक्स में जॉब पोस्टिंग 27% घटी, जबकि आईटी में 25% और फाइनेंस में 24% की गिरावट दर्ज की गई. इंजीनियरिंग के पदों पर इसका असर तुलनात्मक रूप से कम रहा.

यहां पोस्टिंग 7% घटी, जबकि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन में 13% की कमी आई. एक ओर कई क्षेत्रों में नौकरियों के मौके घटे, तो दूसरी ओर AI से जुड़े पदों की मांग बढ़ी. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में दुनिया भर में AI जॉब पोस्टिंग की संख्या करीब 3.51 लाख रही. यह पिछले साल की इसी अवधि से 60% ज्यादा और पिछली तिमाही के मुकाबले 12% अधिक थी. हालांकि, कुल भर्ती के मुकाबले AI से जुड़ी नौकरियों की हिस्सेदारी अब भी कम रही.

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कुछ अन्य क्षेत्रों में भी भर्ती बढ़ी. वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी में जॉब पोस्टिंग सालाना आधार पर 47% बढ़ी. कैपिटल मार्केट्स में 26%, कंप्यूटर और नेटवर्क सिक्योरिटी में 19% और डिफेंस व स्पेस से जुड़े पदों में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि भर्ती के बाजार में सुस्ती के बावजूद कुछ खास क्षेत्रों में नौकरियों के मौके बढ़ रहे हैं. भारत में जॉब पोस्टिंग में गिरावट कई बड़े देशों के मुकाबले कम रही, लेकिन नए और एंट्री-लेवल पदों पर दबाव बना हुआ है.

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