scorecardresearch
 

भारत का KAL प्रोजेक्ट... दुश्मनों पर कहर बरपाएगा शाहेद जैसा सुसाइड ड्रोन

भारत अब लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन बना रहा है. IG डिफेंस का प्रोजेक्ट KAL एक स्वदेशी और लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है. इसकी रेंज 1000 किमी और उड़ान समय 3-5 घंटे है. यह हाई एक्सप्लोसिव पेलोड लेकर दुश्मन के जरूरी ठिकानों पर हमला करेगा. ईरान के शाहेद से प्रेरित है.

Advertisement
X
ये है नोएडा में मौजूद आईजी डिफेंस कंपनी का सुसाइड ड्रोन काल. (Photo: IG Defence)
ये है नोएडा में मौजूद आईजी डिफेंस कंपनी का सुसाइड ड्रोन काल. (Photo: IG Defence)

भारत अब दुनिया की उन देशों की सूची में शामिल हो रहा है जो लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन बना रहे हैं. स्वदेशी डिफेंस कंपनी IG डिफेंस ने अपने नए प्रोजेक्ट KAL की पहली झलक दिखाई है. यह एक लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है जो दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर हमला कर सकता है. आजकल युद्ध में ऐसे ड्रोन बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि वे सस्ते होते हैं. बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

आधुनिक युद्ध में लंबी दूरी के ड्रोन क्यों इतने खास हैं

ईरान का शाहेद-136 ड्रोन पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है. यह ड्रोन सस्ता होता है. इसमें विस्फोटक भरकर बहुत दूर तक भेजा जा सकता है. ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में ईरान ने ऐसे सैकड़ों ड्रोन भेजकर दुश्मन के महंगे एयर डिफेंस सिस्टम को परेशान किया. 

यह भी पढ़ें: ईरान जंग से सबक... कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट जैसी गलती न हो, इसलिए भारत बना रहा तीनों सेनाओं का नया कमांड

दुश्मन को एक सस्ते ड्रोन को रोकने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये की मिसाइल खर्च करनी पड़ती है. इससे दुश्मन पर आर्थिक और सैन्य दबाव बहुत बढ़ जाता है. ऐसे ड्रोन युद्ध का खेल बदल रहे हैं क्योंकि वे सस्ते, ज्यादा संख्या में बनाए जा सकते हैं. एयर डिफेंस सिस्टम को थका देते हैं.

Advertisement

प्रोजेक्ट KAL क्या है और इसकी खासियतें

IG डिफेंस का प्रोजेक्ट KAL भारत का लंबी दूरी का  स्वदेशी हमलावर ड्रोन है. इसकी अनुमानित रेंज 1000 km तक है. यह हवा में 3 से 5 घंटे तक उड़ सकता है. ड्रोन दुश्मन की लाइन से बहुत दूर तक जा सकता है. वहां लक्ष्य देख सकता है. जरूरत पड़ने पर रास्ता बदल सकता है. सही समय पर हमला कर सकता है. 

यह भी पढ़ें: ईरान पर हमले की धमकी दे रहा पाकिस्तान का ये दोस्त मुल्क... क्या उसके पास इतनी सेना है?

इसमें हाई एक्सप्लोसिव पेलोड भरकर रणनीतिक ठिकानों जैसे फैक्टरियां, रडार, लॉजिस्टिक हब और महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों पर हमला किया जा सकता है. यह ड्रोन सैनिकों की जान बचाएगा क्योंकि इंसान को खतरे वाले इलाके में नहीं भेजना पड़ेगा.

IG डिफेंस के वरिष्ठ अधिकारी ने क्या कहा

IG डिफेंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिटायर्ड मेजर जनरल आरसी पाढ़ी ने कहा कि बिना पायलट वाले सिस्टम युद्ध की प्रकृति बदल रहे हैं. मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध ने दिखाया है कि लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन कितने प्रभावी हैं. वे पहुंच, लगातार उड़ान और कम कीमत के कारण रणनीति बदल देते हैं.

भारत को भी ऐसे हथियार खुद बनाने चाहिए. प्रोजेक्ट KAL से हम स्वदेशी क्षमता बढ़ा रहे हैं. आत्मनिर्भर भारत के सपने को मजबूत कर रहे हैं. यह भारत के डिफेंस इनोवेशन को नई ऊंचाई देगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: न बादल फटा, " न बादल फटा, न ग्लेशियल झील... धराली हादसे का असली कारण अब पता चला

प्रोजेक्ट KAL अभी कहां तक पहुंचा है

यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है. कंपनी ने सिर्फ पहली झलक दिखाई है. आने वाले महीनों में और ज्यादा जानकारी दी जाएगी. IG डिफेंस अब उन्नत बिना पायलट वाले लड़ाकू तकनीक पर फोकस कर रही है. यह प्रोजेक्ट भारत को उन चुनिंदा देशों में शामिल करेगा जो खुद लंबी दूरी के स्ट्राइक ड्रोन बना रहे हैं. इससे भारत की सेना को सस्ता, सटीक और दूर तक मार करने वाला हथियार मिलेगा.

भारत के लिए क्या मतलब है यह विकास

प्रोजेक्ट KAL भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाएगा. पड़ोसी देशों से खतरे के समय भारत को अब महंगे हथियारों या विदेशी ड्रोन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. सस्ते और प्रभावी ड्रोन से भारत दुश्मन पर दबाव डाल सकेगा.आने वाले समय में ऐसे ड्रोन युद्ध में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement