शाहेद ड्रोन (Shahed drone) आज के समय में युद्ध के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, और ड्रोन तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है. शाहेद ड्रोन ईरान द्वारा बनाए गए ऐसे ही आधुनिक मानवरहित विमान (UAV) हैं, जिनका इस्तेमाल निगरानी और हमले दोनों के लिए किया जाता है. शाहेद ड्रोन असल में एक “कमीकाजे ड्रोन” या “लॉइटरिंग म्यूनिशन” होता है. इसका मतलब यह है कि यह ड्रोन अपने लक्ष्य के ऊपर मंडराता रहता है और सही समय आने पर खुद को टकराकर विस्फोट कर देता है. यानी इसमें अलग से मिसाइल छोड़ने की जरूरत नहीं होती.
शाहेद ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम कीमत और लंबी दूरी तय करने की क्षमता है. यह सैकड़ों किलोमीटर दूर तक उड़ सकता है और दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकता है.
शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल हाल के वर्षों में कई संघर्षों में देखा गया है. खासतौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध में इन ड्रोन का काफी उपयोग हुआ, जहां इन्हें ऊर्जा केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया.
शाहेद ड्रोन इसलिए खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि ये चुपचाप उड़ते हैं और अचानक हमला करते हैं. इनकी आवाज भी कम होती है, जिससे इन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, कम लागत होने की वजह से इन्हें बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ता है.
हालांकि, इन ड्रोन को रोकने के लिए कई देश नई तकनीक विकसित कर रहे हैं, जैसे एंटी-ड्रोन सिस्टम, रडार और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग. फिर भी, पूरी तरह से इनका सामना करना अभी भी चुनौती बना हुआ है.
ईरान का शाहेद-136 ड्रोन इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जंग में एक सस्ता लेकिन घातक हथियार बन गया है. इराक में शूट हुए एक वीडियो में इस ड्रोन ने गजब की कलाबाजियां दिखाई है और अमेरिका के मॉर्डन फाइटर जेट F-15 को चकमा दे गया और आसानी से अपने टारगेट को हिट किया.
ईरान वॉर में यूक्रेन एक ताकतवर खिलाड़ी बनकर सामने आया है. यूक्रेन का दावा है कि उसके 200 से ज्यादा एंटी ड्रोन एक्सपर्ट सऊदी अरब, UAE में तैनात हैं और ईरान से आने वाले शाहेद ड्रोन्स से उनकी रक्षा कर रहे हैं. सऊदी अरब के दौरे पर आए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दुनिया भरोसेमंद डिफेंस सप्लायर बताया है.
भारत अब लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन बना रहा है. IG डिफेंस का प्रोजेक्ट KAL एक स्वदेशी और लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है. इसकी रेंज 1000 किमी और उड़ान समय 3-5 घंटे है. यह हाई एक्सप्लोसिव पेलोड लेकर दुश्मन के जरूरी ठिकानों पर हमला करेगा. ईरान के शाहेद से प्रेरित है.
मिडिल ईस्ट की जंग में ईरान ने एक ऐसी खतरनाक चाल चली है, जिसने अमेरिका के सबसे आधुनिक रक्षा तंत्र को ही उलझा कर रख दिया है. एक तरफ दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और दूसरी तरफ ईरान के वो सस्ते हथियार, जिन्होंने अरबों के सुरक्षा चक्र में सेंध लगा दी है.
शाहेद-136 एक कम लागत वाला सुसाइड ड्रोन है जिसकी रेंज 2000-2500 किमी है. स्पीड 185 किमी/घंटा और 30-50 किग्रा विस्फोटक क्षमता है. ईरान ने इसे रूस को दिए और खुद हूती, हिजबुल्लाह के जरिए इस्तेमाल किया. यह सस्ता होने से स्वार्म अटैक करता है. एयर डिफेंस को थका देता है. यूक्रेन, खाड़ी देशों, इजरायल-अमेरिका बेस पर हमलों से 14 देशों में डर फैलाता है.