वेनेजुएला की राजधानी काराकस में कम से कम सात जोरदार धमाके हुए, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई. गवाहों ने बताया कि फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डे और ला कार्लोटा हवाई अड्डे के आसपास धुएं के गुबार उठते देखे गए. कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजें सुनाई दीं है. कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई. हवाई अलार्म बजने लगे.
ये धमाके ऐसे समय में हुए जब अमेरिका और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार के बीच तनाव चरम पर है. अमेरिका ने मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए हैं. हाल के महीनों में कैरेबियन सागर में कई संदिग्ध नावों पर हमले किए हैं. मादुरो ने कहा कि ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुए हवाई या हेलीकॉप्टर हमले हुए हैं, जिनमें फुएर्ते तिउना और ला कार्लोटा जैसे प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.

धमाकों के ठीक समय पर, फ्लाइट ट्रैकिंग ऐप फ्लाइटराडार24 पर उत्तर और दक्षिण अमेरिका के ऊपर अमेरिकी सैन्य विमानों की संख्या अचानक बहुत कम हो गई. आमतौर पर यहां कई अमेरिकी मिलिट्री प्लेन दिखते हैं, लेकिन इस बार लगभग कोई नहीं दिखा. ऑनलाइन यूजर्स ने इसे अमेरिका की संभावित संलिप्तता का संकेत बताया. विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील ऑपरेशनों के दौरान सैन्य विमान अपने ट्रांसपॉन्डर बंद कर देते हैं, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके. यह सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है.
वेनेजुएला सरकार ने इन धमाकों को अमेरिकी सैन्य आक्रमण बताया है. सरकार के बयान में कहा गया कि काराकास के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों में भी हमले हुए. दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वे इन खबरों को जानते हैं.
यह भी पढ़ें: क्या वेनेजुएला पर तीनतरफा हमला करेगा अमेरिका? ट्रंप की सेना के सामने कितने दिन टिक पाएंगे मादुरो
JUST IN - The entire U.S. air force has disabled virtually all flight tracking transponders — FlightRadar24 pic.twitter.com/LG4qaXr1yp
— Disclose.tv (@disclosetv) January 3, 2026
काराकास के कई इलाकों में लोग रात में अचानक धमाकों से जाग गए. एक युवती कारमेन हिडाल्गो ने बताया कि हमने दूर से धमाके और विमानों की आवाज सुनी. झटके महसूस हुए. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें आग की लपटें और धुआं दिख रहा है. कुछ इलाकों में बिजली गुल होने से अंधेरा छा गया और लोग सड़कों पर भागते दिखे.

ये घटना अमेरिका की लंबे समय से चल रही दबाव नीति का हिस्सा लग रही है. ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को 'नार्को-टेररिस्ट' कहा है. ड्रग तस्करी रोकने के नाम पर कई ऑपरेशन किए हैं. हाल ही में अमेरिकी जहाजों और विमानों की तैनाती बढ़ाई गई है. वेनेजुएला इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है और जवाबी तैयारी की बात कर रहा है.
अभी तक किसी की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण है. दुनिया भर की नजरें इस पर टिकी हैं कि आगे क्या होता है. दोनों देशों से अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं.