अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस बिछा दी हैं. ऐसे में अमेरिकी नौसेना के जहाज माइंस साफ करने के लिए जा रहे थे. लेकिन एक अजीब घटना ने सबका ध्यान खींच लिया. एक अमेरिकी नौसैनिक, जो होर्मुज में माइंस साफ करने के मिशन पर जा रहा था, थाईलैंड के फुकेट में रुकने के दौरान एक बंदर के हमले का शिकार हो गया.
बंदर के हमले से नौसैनिक घायल, मेडिकल इवैक्यूएशन की गई
यह घटना थाईलैंड के फुकेट में हुई. अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस चीफ (USS Chief) पर तैनात एक इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नीशियन नौसैनिक किनारे पर गया था. वहां एक बंदर ने उसे खरोंच मार दी. चोट गंभीर नहीं थी, लेकिन डॉक्टरों ने सावधानी बरतते हुए उसे इलाज के लिए भेज दिया.
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नौसैनिक को आगे के इलाज के लिए जापान के सासेबो बेस भेज दिया गया, जो यूएसएस चीफ का फॉरवर्ड बेस है. अमेरिकी 7वीं फ्लीट के प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना से किसी भी ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा. नौसैनिक को जरूरी इलाज मिल गया है और अब वह ठीक हो रहा है. एक सैन्य अधिकारी ने इस घटना पर कहा कि विचित्र चीजें होती रहती हैं. यह तो बिल्कुल अनजाना खतरा था.

थाईलैंड में मकाक बंदर आम हैं. कभी-कभी इंसानों पर हमला कर देते हैं. नौसेना ने यह नहीं बताया कि बंदर किस तरह का था या घटना ठीक कैसे हुई. लेकिन बंदर ने सिर्फ खरोंच मारी थी, काटा नहीं था.
यूएसएस चीफ होर्मुज मिशन का हिस्सा
यह नाविक यूएसएस चीफ नामक माइंस्वीपर जहाज पर काम करता है. इस जहाज समेत दो जहाजों पर कुल करीब 84 नाविक होर्मुज भेजे जा रहे थे. इनका काम था ईरान द्वारा बिछाई गई माइंस को साफ करना. ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज में माइंस बिछाकर इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया था.
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इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ कहा कि अमेरिकी माइंस्वीपर जहाज अभी होर्मुज में माइंस साफ कर रहे हैं. उन्होंने आदेश दिया है कि माइंस बिछाने वाली कोई भी ईरानी छोटी नाव देखते ही उसे गोली मारकर नष्ट कर दिया जाए. ट्रंप ने कहा कि कोई हिचकिचाहट नहीं बरती जाएगी.

ट्रंप ने माइंस साफ करने के काम को तीन गुना तेज करने का भी आदेश दिया है. उनका कहना है कि ईरान ने माइंस की सही रिकॉर्ड नहीं रखी, इसलिए पूरी सफाई में छह महीने तक लग सकते हैं.
होर्मुज की स्थिति और दुनिया पर असर
अभी अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की बात चल रही है, लेकिन होर्मुज अभी भी बंद पड़ा है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका अपने वादों से मुकर रहा है और ब्लॉकेड जारी रखे हुए है. होर्मुज बंद रहने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है, एयरलाइंस उड़ानें रद्द कर रही हैं.
US sailor heading for the Strait of Hormuz evacuated after monkey attack https://t.co/nODY6JSxiJ pic.twitter.com/asCC7l0tUO
— The Independent (@Independent) April 24, 2026
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो पूरी दुनिया में मंदी आ सकती है. यह बंदर वाली घटना बेहद अजीब है, लेकिन यह दिखाती है कि सैनिकों को कितने अलग-अलग खतरों का सामना करना पड़ता है – चाहे वो युद्ध क्षेत्र हो या शांत जगह पर रुकना.