समुद्री मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारतीय नौसेना की मारक क्षमता लगातार बढ़ रही है. भारतीय नौसेना अपने बेड़े में नए-नए युद्धपोत शामिल कर रही है. विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के बेड़े में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की मौजूदगी में आईएनएस महेंद्रगिरी को शामिल किया है.
बता दें, कुछ समय पहले नौसेना प्रमुख का पद संभालने वाले एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. दुनिया में इस समय युद्ध हालात को देखते हुए उन्होंने नौसेना की तैयारियों और प्राथमिकताओं के बारे में बताया.
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने बताया, अभी हमारे आसपास सुरक्षा का वातावरण अनुकूल नहीं है. हालात लगातार खराब हो रहे हैं, इसलिए हमें अपनी क्षमता लगातार बढ़ानी चाहिए. इसी कड़ी में आईएनएस महेंद्रगिरी को शामिल किया गया है. यह बेहद शक्तिशाली युद्धपोत है और नौसेना की क्षमता को और मजबूत करेगा.
उन्होंने बताया कि दुनिया भर में युद्ध के माहौल को देखते हुए हमें आत्मनिर्भर रहना है. हमारी इंडस्ट्री हमारा सहयोग कर रही है और हमें आत्मनिर्भर बनना है. कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना के बेड़े में तीन युद्धपोत आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक को शामिल किया था. इससे हमारी क्षमता बहुत बढ़ेगी.
चार प्राधमिकताएं
एडमिरल स्वामीनाथन ने अपनी चार प्राथमिकताएं बताईं. पहली प्राथमिकता है ऑपरेशनल रेडीनेस, क्योंकि हमारे आसपास का माहौल बदल रहा है और नौसेना हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है.
दूसरी प्राथमिकता है तैयारियों को लगातार मजबूत बनाना ताकि युद्धपोत और नौसैनिक हमेशा तत्पर रहें. तीसरी प्राथमिकता है नौसेना में सेफ्टी और सुरक्षा पर ध्यान देना. चौथी प्राथमिकता है नौसैनिकों की सुरक्षा और उनके कल्याण पर ध्यान देना.
उन्होंने बताया कि वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर नौसेना लगातार विचार कर रही है. इस समय मल्टी-डोमेन वारफेयर के लिए नौसेना पूरी तरह से तैयार और सतर्क है. हम सक्षम हैं और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.