गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. 45 वर्षीय विनोद साहनी बुधवार रात अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान के परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक के सामने गाड़ी लगाकर उन्हें रोक लिया. पहले उनसे कहासुनी हुई और फिर मारपीट के बाद धारदार हथियार से हमला कर दिया गया. गंभीर रूप से घायल विनोद ने गुरुवार को लखनऊ के KGMU में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस हत्याकांड की स्क्रिप्ट एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लिखी गई थी.
दरअसल, विनोद साहनी गोंडा के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे और बर्तन की दुकान चलाते थे. वह निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते थे. पुलिस के मुताबिक, इन्हीं पोस्ट को लेकर कुछ लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी. बुधवार रात करीब 10:30 बजे दुकान बंद करने के बाद जब वह घर जा रहे थे, तभी रास्ते में मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपनी गाड़ी उनकी बाइक के सामने लगा दी.
इसके बाद फेसबुक पर निषाद समाज से जुड़े उनके पोस्ट को लेकर सवाल-जवाब शुरू हुआ. पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुई बातचीत जल्द ही विवाद में बदल गई. आरोप है कि शुभम सिंह और विनोद साहनी के बीच कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी. विनोद ने कथित तौर पर कहा कि वह निषाद समाज के साथ हुए अन्याय और अपने हक-अधिकार को लेकर सोशल मीडिया पर लिखते हैं.
इसके बाद शुभम सिंह ने सुभाष सिंह, आकाश सिंह और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर विनोद पर हमला कर दिया. आरोप है कि हमले में धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया और गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. घायल हालत में विनोद साहनी ने किसी तरह अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी.
परिवार के लोग उन्हें लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर दी. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहां भी हालत नाजुक रहने पर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां KGMU में उनका इलाज चल रहा था. गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई.
विनोद साहनी हमले से कुछ घंटे पहले भी सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। बुधवार को उन्होंने साध्वी निरंजन ज्योति और राजू दास की तस्वीरों के साथ एक रील पोस्ट की थी. इस पोस्ट में एक गाना लगाया गया था और निषाद समाज से जुड़े लोगों से वीडियो शेयर करने की अपील की गई थी. पुलिस का कहना है कि विनोद की सोशल मीडिया गतिविधियों और पोस्ट को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी.
वह फेसबुक पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और उनके बेटे श्रवण निषाद को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणियां करते थे. इसे लेकर पहले भी लोगों से उनकी बहस होने की बात सामने आई है.
विनोद साहनी का राजनीतिक जुड़ाव भी रहा था. वह समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और निषाद समाज पार्टी में अलग-अलग पदों पर रह चुके थे. वह करनैलगंज विधानसभा और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात भी की थी. वह निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते थे और समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी.
पुलिस फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई कथित रंजिश और हमले के बीच के संबंध की जांच कर रही है. इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में मारपीट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) राधेश्याम राय के मुताबिक, विनोद की शिकायत पर परसपुर थाने में केस दर्ज किया गया था. तहरीर में तीन लोगों को नामजद किया गया था, जबकि 5 से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था.
विनोद की मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बाकी आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, शुरुआती जानकारी में दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई थी, बाद में पुलिस ने तीन आरोपियों के गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की.
आरोपियों से पूछताछ के साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. कई थानों की पुलिस फोर्स लगाकर मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गोंडा पुलिस को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
इसके बाद परसपुर थाना प्रभारी कमला शंकर चतुर्वेदी और शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया गया है. दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं. कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.
विनोद साहनी की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा है. उनके परिवार में 18 वर्षीय बेटा राजा साहनी और दो बेटियां हैं. छोटी बेटी विजयलक्ष्मी की अभी शादी नहीं हुई है, जबकि बड़ी बेटी रागिनी की शादी हो चुकी है. पिता की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है, हालांकि पुलिस के मुताबिक फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है और कानून व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं है.
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गोंडा में सपा से जुड़े बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की. अखिलेश यादव ने विनोद साहनी को श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर अपराध और अराजकता बढ़ने का आरोप लगाया. उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाए जाने और उसकी शक्ति एवं प्रभाव कम किए जाने का भी आरोप लगाया.
हालांकि इन राजनीतिक आरोपों से अलग पुलिस फिलहाल घटना के कारण, हमले में शामिल लोगों और सोशल मीडिया विवाद से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. पुलिस ने इस हत्याकांड के मद्देनजर कई टीम गठित की हैं.