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सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, CIA स्टेशन को निशाना बनाने का दावा

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास पर संदिग्ध ईरानी ड्रोन से हमला हुआ है. जिसमें CIA स्टेशन को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है. हमले में दो ड्रोन शामिल थे, जिससे सीमित आग और नुकसान होने की बात सामने आई है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस हमले में कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है (एजेंसी फोटो)
इस हमले में कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है (एजेंसी फोटो)

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला होने की खबर सामने आई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार को हुआ. एक सूत्र ने बताया कि दूतावास परिसर में मौजूद CIA स्टेशन को संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने निशाना बनाया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में संघर्ष और तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की यह कड़ी चिंताजनक मानी जा रही है. इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच टकराव को और गंभीर बना दिया है.

दो ड्रोन से हमला
रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया. इन ड्रोन हमलों के कारण दूतावास परिसर में सीमित स्तर पर आग लगी. हालांकि आग को जल्द ही काबू में कर लिया गया. इस हमले में कुछ भौतिक नुकसान हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर तबाही की खबर नहीं है. अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं.

CIA स्टेशन को बनाया गया निशाना
सूत्रों के मुताबिक, दूतावास परिसर में स्थित सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी यानी CIA का स्टेशन भी इस हमले की जद में आया. हालांकि इस बारे में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि हमला बेहद सटीक तरीके से किया गया. यदि CIA स्टेशन को वाकई निशाना बनाया गया है, तो यह घटना बेहद संवेदनशील मानी जाएगी. इससे अमेरिका की खुफिया गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है. फिलहाल हमले के पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है.

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ध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव चरम पर है. रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास उन अमेरिकी ठिकानों में शामिल है, जिन्हें इस संघर्ष के दौरान निशाना बनाया गया है. सऊदी अरब पहले भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर चुका है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं. आने वाले दिनों में अमेरिका और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं. पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है.

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