लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अब केवल एक राज्य या शहर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस गैंग ने अपने आपराधिक तंत्र को फैलाने के लिए आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का व्यापक इस्तेमाल किया है. एनआईए यानी नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी के डोजियर के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई का सिंडिकेट भारत के 11 राज्यों और दुनिया के 6 बड़े देशों में फैल चुका है. इस गैंग में 700 से ज्यादा खतरनाक शूटर्स शामिल हैं, जिनमें अकेले पंजाब से 300 से अधिक शूटर बताए जाते हैं. एनआईए ने इस गैंग के काम करने के तरीके की तुलना 90 के दशक में दाऊद इब्राहिम द्वारा खड़े किए गए डी-कंपनी नेटवर्क से की है.