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शहजाद भट्टी और ISI मॉड्यूल पर शक! CCTV में RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंकता दिखा अमन अंसारी

रांची में RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. जांच में पाकिस्तानी माफिया डॉन शहजाद भट्टी और ISI मॉड्यूल के कनेक्शन होने शक है. आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया गया था. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है (फोटो-ITG)

झारखंड की राजधानी रांची में RSS दफ्तर पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, CCTV फुटेज में आरोपी अमन अंसारी पेट्रोल बम फेंकते हुए दिखाई दे रहा है. जांच में यह भी पता चला है कि दुबई की जेल में रहने के दौरान अमन अंसारी की मुलाकात पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव्स से हुई थी और बाद में वह सीधे हैंडलर्स के संपर्क में आ गया था.

CCTV में पेट्रोल बम फेंकता दिखा अमन अंसारी
सूत्रों के अनुसार, RSS दफ्तर पर हमले के मामले में गिरफ्तार अमन अंसारी की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. CCTV फुटेज में वह पेट्रोल बम फेंकते हुए दिखाई दे रहा है. जांच में सामने आया है कि अमन अंसारी कुछ समय तक दुबई में रहा था और एक मामले में वहां की जेल में भी बंद रहा था. इसी दौरान वह पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव्स के संपर्क में आया और बाद में सीधे हैंडलर्स से जुड़ गया. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसे किस तरह निर्देश दिए गए और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे.

इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले के निवासी हैं. शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसियां इस हमले के पीछे बड़े नेटवर्क की आशंका जता रही हैं.

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यह घटना 16 जून की रात करीब 11 बजकर 35 मिनट पर हुई थी. आरोपियों ने RSS दफ्तर को निशाना बनाते हुए दो पेट्रोल बम फेंके थे. एक पेट्रोल बम दफ्तर की छत पर जाकर गिरा, जबकि दूसरा बम गेट के बाहर बरामद हुआ. जांच में पता चला है कि गेट के बाहर मिले बम को वारदात से ठीक पहले असेंबल किया गया था. पुलिस के अनुसार, आरोपी पेट्रोल बम बनाने में पूरी तरह माहिर नहीं थे और वे इसे बनाना सीख रहे थे.

जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर भर्ती किया गया था. गिरफ्तार किए गए युवकों की उम्र लगभग 20 से 22 साल के बीच है. एजेंसियों को शक है कि युवाओं को कट्टरपंथी नेटवर्क के जरिए प्रभावित किया गया. सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ संदिग्ध संपर्कों की भी जांच की जा रही है. इस पूरे मामले को लेकर कई डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं.

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हमले से पहले RSS दफ्तर की रेकी की थी. उन्होंने इलाके का वीडियो भी बनाया था और उसके बाद पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमले की तैयारी पहले से की गई थी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को रेकी और हमले के लिए किसने निर्देश दिए थे. इस संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी जारी है.

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गिरफ्तार आरोपियों में से एक युवक करीब छह महीने तक दुबई में रह चुका है. वह वहां एक आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका था. जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने के दौरान उसके संपर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े लोगों से हुए थे. इसी कड़ी को अब जांच एजेंसियां गंभीरता से खंगाल रही हैं. झारखंड से जुड़े कुछ और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है.

जांच एजेंसियों को इस हमले के पीछे पाकिस्तानी माफिया डॉन शहजाद भट्टी और ISI मॉड्यूल की भूमिका होने का शक है. शुरुआती जांच में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा रही है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं. लगातार छापेमारी और पूछताछ का दौर जारी है.

सूत्रों के मुताबिक, 'राणा साहब' नाम के एक कथित हैंडलर ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाने का वीडियो भेजा था. इसी वीडियो को देखकर आरोपियों ने बम तैयार करने की कोशिश की थी. जांच में यह भी पता चला है कि वे इस तरह के बम बनाने में पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं थे. यही वजह रही कि एक पेट्रोल बम गेट के बाहर ही बरामद हो गया. एजेंसियां अब इस हैंडलर की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं.

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जांच के दौरान शहजाद भट्टी के नेटवर्क के तार झारखंड से भी जुड़े पाए गए हैं. एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या राज्य में कोई बड़ा मॉड्यूल सक्रिय है. तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्कों की जांच हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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